चैत्र नवरात्रि 2026 दुर्लभ योगों से सजी, जानें घटस्थापना मुहूर्त

Updated on 2026-02-06T12:50:38+05:30

चैत्र नवरात्रि 2026 दुर्लभ योगों से सजी, जानें घटस्थापना मुहूर्त

चैत्र नवरात्रि 2026 दुर्लभ योगों से सजी, जानें घटस्थापना मुहूर्त

Chaitra Navratri 2026: चैत्र नवरात्रि 2026 मां दुर्गा को समर्पित एक अत्यंत शुभ हिंदू पर्व है, जिसकी शुरुआत 19 मार्च 2026, गुरुवार से होगी और समापन 27 मार्च 2026, शुक्रवार को राम नवमी के साथ होगा.

हिंदू पंचांग के अनुसार, नवरात्रि का आरंभ घटस्थापना से होता है. इस वर्ष कलश स्थापना का शुभ मुहूर्त सुबह 6:52 से 7:43 बजे तक रहेगा. इसके अलावा दोपहर 12:05 से 12:53 बजे के बीच अभिजीत मुहूर्त भी शुभ माना गया है.

नौ दिनों तक चलने वाले इस पर्व में भक्त नवदुर्गा के नौ स्वरूपों की पूजा करते हैं, व्रत रखते हैं और प्रतिदिन विशेष आराधना करते हैं.

इस बार की चैत्र नवरात्रि केवल धार्मिक दृष्टि से ही नहीं, बल्कि ज्योतिषीय रूप से भी बेहद खास मानी जा रही है. इस दौरान तीन बड़े ज्योतिषीय परिवर्तन एक साथ हो रहे हैं.

हिंदू नववर्ष की शुरुआत

चैत्र शुक्ल प्रतिपदा से विक्रम संवत 2083 की शुरुआत होगी, यानी नए साल की शुरुआत देवी शक्ति की साधना से होगी, जो एक दुर्लभ संयोग है.

शनि का कुंभ राशि में प्रभाव

2026 में शनि अपनी ही राशि कुंभ में विराजमान हैं, जो कर्म, न्याय और सामाजिक व्यवस्था का प्रतीक है. इस समय की गई पूजा और संकल्प का प्रभाव लंबे समय तक माना जाता है.

राहु-केतु का मीन-कन्या अक्ष में परिवर्तन

यह परिवर्तन आस्था और तर्क, भ्रम और सत्य के संतुलन को दर्शाता है. ऐसे में यह नवरात्रि मानसिक और आध्यात्मिक शुद्धि के लिए विशेष फलदायी मानी जा रही है.

इन ग्रहयोगों के कारण चैत्र नवरात्रि 2026 को एक दुर्लभ शक्ति काल माना जा रहा है, जो हर वर्ष नहीं आता.

चैत्र नवरात्रि 2026 का पूरा कैलेंडर:

> पहला दिन: 19 मार्च 2026 (गुरुवार) – घटस्थापना और पूजा आरंभ

> दूसरा दिन: 20 मार्च 2026 (शुक्रवार) – देवी ब्रह्मचारिणी की पूजा

> तीसरा दिन: 21 मार्च 2026 (शनिवार) – देवी चंद्रघंटा की पूजा

> चौथा दिन: 22 मार्च 2026 (रविवार) – देवी कुष्मांडा की पूजा

> पांचवां दिन: 23 मार्च 2026 (सोमवार) – देवी स्कंदमाता की पूजा

> छठा दिन: 24 मार्च 2026 (मंगलवार) – देवी कात्यायनी की पूजा

> सातवां दिन: 25 मार्च 2026 (बुधवार) – देवी कालरात्रि की पूजा

> आठवां दिन: 26 मार्च 2026 (गुरुवार) – देवी महागौरी की पूजा (अष्टमी)

> नौवां दिन: 27 मार्च 2026 (शुक्रवार) – देवी सिद्धिदात्री की पूजा और राम नवमी उत्सव

चैत्र नवरात्रि का महत्व

चैत्र नवरात्रि को हिंदू नववर्ष की शुरुआत और वसंत ऋतु में आध्यात्मिक नवीकरण का प्रतीक माना जाता है. इन नौ दिनों में भक्त देवी दुर्गा के नौ स्वरूपों की उपासना कर साहस, समृद्धि और ज्ञान का आशीर्वाद मांगते हैं.

नवरात्रि का समापन राम नवमी के साथ होता है, जो भगवान राम के जन्मोत्सव का दिन है. इस दौरान कई परिवार देवी सप्तशती पाठ, विशेष भजन, व्रत और कलश स्थापना जैसे धार्मिक अनुष्ठान करते हैं.

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