Mahashivratri 2026: महाशिवरात्रि 15 या 16 फरवरी? जानें जलाभिषेक का सही दिन

Updated on 2026-02-11T11:09:39+05:30

Mahashivratri 2026: महाशिवरात्रि 15 या 16 फरवरी? जानें जलाभिषेक का सही दिन

Mahashivratri 2026: महाशिवरात्रि 15 या 16 फरवरी? जानें जलाभिषेक का सही दिन

Mahashivratri 2026: महाशिवरात्रि हिंदुओं का एक प्रमुख पर्व है, जिसे भगवान शिव को समर्पित माना जाता है. यह शिव-शक्ति के मिलन और शिवलिंग प्रकट होने का पावन दिन माना जाता है. हर महीने कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी को शिवरात्रि होती है, जबकि फाल्गुन मास की कृष्ण चतुर्दशी को महाशिवरात्रि मनाई जाती है.

महाशिवरात्रि 2026 कब है?

चतुर्दशी तिथि 15 फरवरी 2026 को शाम 5:04 बजे शुरू होगी और 16 फरवरी को शाम 5:34 बजे समाप्त होगी. निशिता काल में चतुर्दशी होने के कारण महाशिवरात्रि 15 फरवरी 2026 को मनाई जाएगी.

निशिता काल मुहूर्त: रात 12:09 बजे से 1:01 बजे तक.

चारों प्रहर की पूजा का समय:

> पहला प्रहर: शाम 6:11 से रात 9:23

दूसरा प्रहर: रात 9:23 से 16 फरवरी सुबह 12:35

तीसरा प्रहर: सुबह 12:35 से 3:47

चौथा प्रहर: सुबह 3:47 से 6:59

300 साल बाद शुभ योग

इस वर्ष महाशिवरात्रि पर कई शुभ योग बन रहे हैं, जिनमें लक्ष्मी नारायण राजयोग, बुधादित्य योग, शुक्रादित्य योग, शश महापुरुष राजयोग और चतुर्ग्रही योग शामिल हैं.

शिव की उत्पत्ति की कथा

शिव पुराण के अनुसार, ब्रह्मा और विष्णु के बीच शक्ति को लेकर विवाद हुआ था. तभी एक दिव्य शिवलिंग प्रकट हुआ, जिसका कोई अंत नहीं मिला. इसके बाद भगवान शिव स्वयं प्रकट हुए और अपनी सर्वोच्च शक्ति का परिचय दिया.

महाशिवरात्रि का महत्व

इस दिन भगवान शिव की पूजा से भक्तों को आत्मशुद्धि, इच्छाओं पर नियंत्रण और मनोकामना पूर्ति का आशीर्वाद मिलता है. विवाहित महिलाएं पति की लंबी उम्र के लिए और अविवाहित महिलाएं अच्छे वर की कामना करती हैं.

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