Navratri Ashtami 2026: महाष्टमी पर इन 5 जगहों पर दीप जलाएं, माता की कृपा बरसेगी भरपूर

Updated on 2026-03-25T11:26:15+05:30

Navratri Ashtami 2026: महाष्टमी पर इन 5 जगहों पर दीप जलाएं, माता की कृपा बरसेगी भरपूर

Navratri Ashtami 2026: महाष्टमी पर इन 5 जगहों पर दीप जलाएं, माता की कृपा बरसेगी भरपूर

चैत्र नवरात्रि की महाष्टमी इस साल 26 मार्च 2026 को मनाई जा रही है। नवरात्रि के नौ दिनों में अखंड ज्योति जलाने की परंपरा होती है। मान्यता है कि जहां यह ज्योति जलती है, वहां स्वयं माता का वास होता है और वह परिवार को हर संकट से बचाती हैं।

मुख्य द्वार पर जलाएं दीपक

शास्त्रों के अनुसार महाष्टमी का दिन बेहद शक्तिशाली माना जाता है। इस दिन शाम के समय घर के मुख्य द्वार के दोनों ओर घी का दीपक जलाना शुभ माना जाता है। कहा जाता है कि इससे घर की नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है और वास्तु दोष भी समाप्त होते हैं।

ईशान कोण में दीपक जलाने का महत्व

महाष्टमी के दिन घर के ईशान कोण (उत्तर-पूर्व दिशा) में दीपक जलाना भी बहुत शुभ माना गया है। मान्यता है कि इस उपाय से मां लक्ष्मी की कृपा प्राप्त होती है और घर में धन-धान्य की कमी नहीं रहती। आर्थिक समस्याएं धीरे-धीरे दूर होने लगती हैं।

मंदिर में दीपक और मंत्र जाप

इस दिन रात के समय घर के मंदिर में घी का दीपक जलाकर “ॐ ऐं ह्रीं क्लीं चामुण्डायै विच्चे” मंत्र का 108 बार जाप करना चाहिए। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस मंत्र के जाप से नकारात्मक शक्तियों से रक्षा होती है और जीवन के कष्ट कम होते हैं।

पीपल के पेड़ के पास दीप जलाएं

महाष्टमी की शाम पीपल के पेड़ के पास तेल का दीपक जलाना भी शुभ माना जाता है। मान्यता है कि इस पेड़ में त्रिदेव और देवी-देवताओं का वास होता है। यहां दीप जलाने से वैवाहिक जीवन में सुख-शांति आती है और संतान से जुड़ी समस्याएं दूर होती हैं।

क्यों खास है महाष्टमी

महाष्टमी को नवरात्रि का सबसे प्रभावशाली दिन माना जाता है। इस दिन माता दुर्गा की विशेष पूजा करने से भक्तों की मनोकामनाएं पूरी होती हैं और घर में सुख-समृद्धि बनी रहती है।

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, अगर इन उपायों को श्रद्धा और विश्वास के साथ किया जाए, तो माता का आशीर्वाद जरूर मिलता है और जीवन की परेशानियां दूर होने लगती हैं।

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