Last Updated Mar - 24 - 2026, 02:49 PM | Source : Fela News
Hanuman Jayanti 2026 Date: शक्ति, भक्ति और सेवा का पर्व हनुमान जयंती 1 या 2 अप्रैल कब मनाई जाएगी, इसे लेकर लोगों में भ्रम है। यहां जानें सही तारीख, पूजा विधि, क्या करें और किन बातों से इस दिन बचना चाहिए।
Hanuman Janmotsav 2026 Date: चैत्र पूर्णिमा का दिन बजरंगबली के भक्तों के लिए बेहद खास होता है, क्योंकि इसी दिन हनुमान जन्मोत्सव मनाया जाता है। हनुमान जी को बल, बुद्धि, विद्या और निर्भयता का प्रतीक माना जाता है। उनकी भक्ति से जीवन के संकट दूर होते हैं और सफलता का मार्ग खुलता है। इस साल हनुमान जयंती की तारीख को लेकर लोगों में भ्रम बना हुआ है।
कब मनाई जाएगी हनुमान जयंती?
चैत्र पूर्णिमा तिथि 1 अप्रैल 2026 को सुबह 7:06 बजे शुरू होगी और 2 अप्रैल 2026 को सुबह 7:41 बजे समाप्त होगी। धर्मशास्त्र के अनुसार, जिस दिन सूर्योदय के समय पूर्णिमा तिथि होती है, उसी दिन व्रत और पर्व मनाया जाता है। ऐसे में इस बार हनुमान जयंती 2 अप्रैल 2026 को मनाई जाएगी।
भक्ति, शक्ति और सेवा का प्रतीक
हनुमान जी भगवान श्रीराम के परम भक्त माने जाते हैं। मान्यता है कि हनुमान जयंती पर निस्वार्थ भाव से सेवा करने और पूजा करने से सभी बाधाएं दूर होती हैं। यह पर्व भक्ति, शक्ति और सेवा का प्रतीक है।
हनुमान जयंती का महत्व
इस दिन व्रत रखने और पूजा करने से कष्ट दूर होते हैं और मनोकामनाएं पूरी होती हैं। दान करने से शनि दोष और ग्रह बाधाओं से राहत मिलती है। रामायण या सुंदरकांड का पाठ करने से आत्मविश्वास और ऊर्जा बढ़ती है।
कैसे करें पूजा?
हनुमान जयंती के दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और भगवान श्रीराम, माता सीता और हनुमान जी का स्मरण करें। इसके बाद हनुमान जी की मूर्ति या तस्वीर की विधिपूर्वक पूजा करें। उन्हें सिंदूर, चंदन, फूल, माला और नारियल अर्पित करें। हनुमान चालीसा या सुंदरकांड का पाठ करें और अंत में आरती कर प्रसाद बांटें।
क्या करें और क्या न करें?
इस दिन व्रत रखें और सात्विक भोजन करें। ब्रह्मचर्य का पालन करें और जरूरतमंदों को दान दें। मांस, मदिरा और तामसिक भोजन से दूर रहें। किसी से विवाद या अपमान न करें और मन में सकारात्मक भाव रखें।
हनुमान जयंती का यह पावन पर्व श्रद्धा और भक्ति के साथ मनाने से जीवन में सुख, शांति और सफलता प्राप्त होती है।
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