Sawan Somwar 2026 Date: सावन 2026 में कितने सोमवार? जानें श्रावण की पूरी तारीखें

Updated on 2026-05-30T15:00:14+05:30

Sawan Somwar 2026 Date: सावन 2026 में कितने सोमवार? जानें श्रावण की पूरी तारीखें

Sawan Somwar 2026 Date: सावन 2026 में कितने सोमवार? जानें श्रावण की पूरी तारीखें

Sawan Somwar 2026 Date List: भगवान शिव को समर्पित सावन का महीना हिंदू धर्म में बेहद पवित्र माना जाता है। इस वर्ष सावन की शुरुआत 30 जुलाई 2026 से होगी और इसका समापन 28 अगस्त 2026 को होगा। इस बार श्रावण मास 28 दिनों का रहेगा। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, सावन में की गई शिव आराधना का फल पूरे वर्ष की पूजा के समान माना जाता है। खासतौर पर सावन सोमवार का महत्व सबसे अधिक बताया गया है।

2026 में कितने सावन सोमवार आएंगे?

इस साल सावन में कुल 4 सोमवार पड़ेंगे। शिव भक्तों के लिए ये चारों सोमवारी बेहद खास मानी जा रही हैं।

सावन सोमवार की तारीखें:

  • पहला सावन सोमवार – 3 अगस्त 2026
  • दूसरा सावन सोमवार – 10 अगस्त 2026
  • तीसरा सावन सोमवार – 17 अगस्त 2026
  • चौथा सावन सोमवार – 24 अगस्त 2026

धार्मिक मान्यता है कि सावन सोमवार के दिन शिवलिंग पर जल, दूध और पंचामृत अर्पित करने से जीवन के कष्ट दूर होते हैं और सुख-समृद्धि का आशीर्वाद मिलता है। जो लोग 16 सोमवार व्रत की शुरुआत करना चाहते हैं, उनके लिए सावन की पहली सोमवारी विशेष शुभ मानी जाती है।

शिव पुराण में क्या बताया गया है?

शिव पुराण में कहा गया है—

"श्रावण मासे विशेषेण शिवपूजा फलप्रदा।

सर्वपापहरं पुण्यं सर्वकामफलप्रदम्॥"

अर्थात सावन महीने में की गई शिव पूजा विशेष फल प्रदान करती है। यह पापों का नाश कर मनोकामनाओं की पूर्ति करने वाली मानी गई है।

सावन सोमवार व्रत करने से क्या लाभ मिलते हैं?

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार सावन सोमवार का व्रत करने से कई शुभ फल प्राप्त होते हैं।

  • विवाह में आ रही बाधाएं दूर होती हैं।
  • योग्य जीवनसाथी की प्राप्ति के योग मजबूत होते हैं।
  • दांपत्य जीवन में प्रेम और सामंजस्य बढ़ता है।
  • मानसिक तनाव और नकारात्मकता कम होती है।
  • परिवार के स्वास्थ्य और सुख-शांति में वृद्धि होती है।
  • भगवान शिव की कृपा से आर्थिक उन्नति के मार्ग खुलते हैं।
  • आध्यात्मिक उन्नति और आत्मिक शांति प्राप्त होती है।

सावन सोमवार व्रत कैसे करें?

सावन सोमवार का व्रत विधि-विधान से करने पर इसका महत्व और बढ़ जाता है।

  • ब्रह्म मुहूर्त में उठकर स्नान करें।
  • साफ और हल्के रंग के वस्त्र धारण करें।
  • घर के मंदिर में दीपक जलाकर व्रत का संकल्प लें।
  • दिनभर उपवास रखें या फलाहार करें।
  • शिवलिंग पर जल या गंगाजल अर्पित करें।
  • इसके बाद दूध, दही, घी, शहद और शक्कर से पंचामृत अभिषेक करें।
  • बेलपत्र, धतूरा, आक के फूल, चंदन और अक्षत अर्पित करें।
  • शिव चालीसा और महामृत्युंजय मंत्र का जाप करें।
  • शाम को पुनः भगवान शिव की पूजा करें।
  • अगले दिन पूजा के बाद व्रत का पारण करें।

व्रत के दौरान इन बातों का रखें विशेष ध्यान

  • झूठ और क्रोध से दूर रहें।
  • किसी का अपमान न करें।
  • नकारात्मक विचारों से बचें।
  • ब्रह्मचर्य का पालन करें।
  • बेलपत्र साफ और सही दिशा में चढ़ाएं।
  • शिवलिंग पर तुलसी पत्र अर्पित न करें।
  • पूजा के दौरान मन को शांत और एकाग्र रखें।

धार्मिक मान्यता है कि श्रद्धा और सच्चे मन से किया गया सावन सोमवार व्रत भगवान शिव को शीघ्र प्रसन्न करता है और जीवन में सुख, समृद्धि तथा मनचाही सफलता का आशीर्वाद दिलाता है।

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