Last Updated Dec - 05 - 2025, 03:00 PM | Source : Fela News
वास्तु अनुसार घर में रामा तुलसी शुभ मानी जाती है और सकारात्मक ऊर्जा बढ़ाती है।
वास्तु शास्त्र में तुलसी को बेहद शुभ माना गया है, लेकिन घर में कौन-सी तुलसी लगानी चाहिए, रामा या श्यामा, इस पर कई लोगों में भ्रम रहता है।
वास्तु विशेषज्ञों के अनुसार घर में तुलसी लगाने से सकारात्मक ऊर्जा बढ़ती है और वातावरण शांत बना रहता है। लेकिन तुलसी का सही चुनाव और उसे सही दिशा में स्थापित करना कई बार नजरअंदाज हो जाता है। आमतौर पर दो प्रकार की तुलसी घरों में लगाई जाती है, रामा तुलसी और श्यामा तुलसी। दोनों ही धार्मिक रूप से पवित्र मानी जाती हैं, लेकिन उनके उपयोग और गुणों में थोड़ा अंतर बताया जाता है।
रामा तुलसी को सौम्य और शांत ऊर्जा से जुड़ा माना जाता है। इसकी पत्तियां हल्की हरी और खुशबू हल्की होती है। इसे घर में लगाने से वातावरण सरल और सकारात्मक रहता है। श्यामा तुलसी का रंग थोड़ा गहरा होता है और माना जाता है कि यह आध्यात्मिक ऊर्जा को बढ़ाती है। कई वैदिक ग्रंथों में इसे औषधीय गुणों में मजबूत बताया गया है।
वास्तु शास्त्र के मुताबिक घर में रामा तुलसी लगाना अधिक शुभ माना जाता है क्योंकि यह पारिवारिक सामंजस्य और शांति का प्रतीक होती है। जबकि श्यामा तुलसी पूजा और आध्यात्मिक साधना में अधिक उपयोगी मानी जाती है। हालांकि दोनों में से कोई भी तुलसी अशुभ नहीं मानी जाती बस उनके प्रभाव अलग बताए जाते हैं।
तुलसी लगाने की दिशा का भी खास महत्व है। विशेषज्ञों का कहना है कि तुलसी का पौधा हमेशा उत्तर, पूर्व या उत्तर-पूर्व दिशा में रखा जाना चाहिए। इन दिशाओं को देवताओं की दिशा माना गया है और यहां रखी तुलसी घर में सकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह बढ़ाती है। दक्षिण दिशा को तुलसी के लिए अनुपयुक्त माना जाता है, क्योंकि इससे घर में नकारात्मकता बढ़ने का डर बताया जाता है।
तुलसी को प्रतिदिन पानी देना, साफ-सफाई बनाए रखना और उसके आसपास गंदगी न रखना भी जरूरी माना गया है। माना जाता है कि तुलसी के पौधे की उपेक्षा घर में सुख-शांति पर असर डाल सकती है।
कुल मिलाकर, घर में रामा या श्यामा,कोई भी तुलसी लगाई जा सकती है, लेकिन वास्तु की दृष्टि से रामा तुलसी को अधिक शुभ और पारिवारिक जीवन के लिए बेहतर माना गया है। सही दिशा और देखभाल के साथ तुलसी घर में सकारात्मक ऊर्जा का मजबूत स्त्रोत बन सकती है।