Last Updated Jan - 22 - 2026, 12:08 PM | Source : Fela News
आर्थिक तंगी से परेशान तेलंगाना के मेडचल जिले में एक परिवार ने आत्महत्या की कोशिश की, बच्ची की मौत हो गई, माता-पिता और बेटा अस्पताल में भर्ती हैं।
तेलंगाना के मेडल जिला से एक बेहद दर्दनाक और झकझोर देने वाली घटना सामने आई है, जहां आर्थिक तंगी और मानसिक दबाव से जूझ रहे एक परिवार ने सामूहिक आत्महत्या का प्रयास किया। इस घटना में एक मासूम बच्ची की मौत हो गई, जबकि पिता, मां और बेटा गंभीर हालत में अस्पताल में जिंदगी और मौत से जूझ रहे हैं।
घटना मेडचल जिले के जगद्द्विरि गुट्टा इलाके की विजयनगर कॉलोनी की है। पुलिस के मुताबिक, परिवार लंबे समय से आर्थिक संकट से गुजर रहा था और इसी तनाव ने उन्हें यह खौफनाक कदम उठाने पर मजबूर कर दिया। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि परिवार के मुखिया सतीश कुमार ने पहले अपनी बेटी श्रीजावल्ली की तकिये से मुंह दबाकर हत्या कर दी। इसके बाद उसने खुद अपनी पत्नी आमनी और बेटे नीतीश के साथ कलाई काटकर आत्महत्या की कोशिश की ।
घटना की सूचना मिलते ही जगगिरि गुट्टा थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस को घर के अंदर चारों सदस्य खून से लथपथ हालत में मिले। सभी को तत्काल नजदीकी अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने बच्ची श्रीजावल्ली को मृत घोषित कर दिया। वहीं, सतीश कुमार, उनकी पत्नी और बेटे की हालत गंभीर बताई जा रही है और वे डॉक्टरों की निगरानी में हैं।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि परिवार कर्ज और लगातार बढ़ते आर्थिक दबाव के कारण गहरे अवसाद में था। पड़ोसियों के अनुसार, पिछले कुछ समय से परिवार बेहद तनाव में नजर आ रहा था। हालांकि, किसी को अंदेशा नहीं था कि हालात इस कदर भयावह मोड़ ले लेंगे। परिवार सामाजिक रूप से शांत था और किसी तरह के विवाद की जानकारी पहले सामने नहीं आई थी।
पुलिस ने मामले में हत्या और आत्महत्या के प्रयास से जुड़ी धाराओं में केस दर्ज कर लिया है। मृत बच्ची के शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया है, ताकि मौत के सही कारणों की पुष्टि की जा सके। साथ ही, अस्पताल में भर्ती तीनों सदस्यों की स्थिति पर पुलिस नजर बनाए हुए है और उनके बयान दर्ज किए जाने की प्रक्रिया उनकी हालत स्थिर होने के बाद की जाएगी।
इस घटना ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि आर्थिक तंगी और मानसिक स्वास्थ्य की अनदेखी किस हद तक परिवारों को तोड़ सकती है। विशेषज्ञों का कहना है कि समय रहते काउंसलिंग, सामाजिक सहयोग और आर्थिक सहायता मिल जाए तो ऐसी त्रासदियों को रोका जा सकता है। फिलहाल, पुलिस मामले की हर एंगल से जांच कर रही है और यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि घटना से पहले परिवार किन परिस्थितियों से गुजर रहा था ।
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