Last Updated Jun - 17 - 2025, 12:29 PM | Source : Fela News
चार मासूमों की मृत्यु ‘करंट’ कहकर कर दी गई, जबकि बाद में पिता ने हत्या की कबूलनामा दिया – मामला अब पुलिस जांच में उलझा हुआ है।
उन्नाव के बारासगवर क्षेत्र के लालमनखेड़ा गांव में 19 नवंबर को चार भाई-बहनों—मयंक (9), हिमांशी (8), हिमांक (6) और मानसी (4)—की सहमी हुई हालत में मृत्यु हो गई। शुरुआती रिपोर्ट में कारण पंखे में करंट बताकर पोस्टमार्टम किया गया, लेकिन जांच आगे बढ़ने पर सनसनीखेज खुलासे सामने आए ।
जांच में हुआ बड़ा खुलासा:
बच्चों के पेट से मिली विषैली सामग्री के सैंपल के मामले आने के बाद पिता वीरेंद्र कुमार पकड़े गए। शुरुआती पोस्टमार्टम में ‘करंट के कारण मौत’ बताया गया था, लेकिन बाद में पिता ने जहर देने और हत्या की बात मान ली ।
पुलिस के सामने हुए बयान में वीरेंद्र ने स्वीकार किया कि उसने सल्फास की बोतल खोली, तेज गंध से बच्चे बेहोश हो गए; फिर उनका गला दबाकर मार दिया और पंखे को इसका सबूत दिखाने के लिए गिरा दिया ।
घटना के बाद पिता ने आत्महत्या का प्रयास भी किया और अस्पताल में भर्ती कराया गया। कुछ दिन मानसिक जांच के बाद वह लखनऊ स्थित केजीएमयू से जेल भेजा गया ।
अब पिता के कबूलनामा को वीडियो और पोस्टमार्टम रिपोर्ट की मांग के आधार पर जब्त किया गया है, लेकिन पुलिस का कहना है कि अभी तक विष साफ‑साफ रिपोर्ट में नहीं आया है—कुछ लोग करंट ही कारण बताते रहे ।
पोस्टमार्टम रिपोर्टप्रारंभिक निष्कर्ष में करंट की बात कही गई थी, लेकिन विष का प्रमाण मिलने पर जांच में उलझन सामने आई है ।
वीरेंद्र ने स्पष्ट रूप से कबूला कि बच्चों को उसने खुद मारा, फिर पंखे को गिरा कर बिजली का दुष्प्रचार किया ।
पुलिस कार्रवाई, वीडियो प्रमाण, जैवरासायनिक सैंपल, पारिवारिक बयान—इन सब पर जांच जारी है; जल्द ही फोरेंसिक रिपोर्ट आने की संभावना है।
करीब तीन दिन तक ‘करंट से मौत’ बताकर चल रही इस कहानी का सच सामने आने पर परिवार और गांव में सन्नाटा छा गया है। पिता की मानसिक स्थिति, परिवार के असहायपन और पुलिस की प्रारंभिक रिपोर्ट—इन सब पर सवाल खड़े हो चुके हैं। अब जांच के अंतिम निष्कर्ष से ही स्पष्ट होगा कि ये दिल दहलाने वाला हादसा कैसे हुआ और दोषियों पर क्या कार्रवाई होगी।