Last Updated Jan - 08 - 2026, 04:03 PM | Source : Fela News
ATM से क्रेडिट कार्ड द्वारा कैश निकालना आसान लगता है, लेकिन कैश एडवांस फी, ब्याज और टैक्स मिलकर छोटी रकम को भी भारी खर्च बना देते हैं।
आज के समय में क्रेडिट कार्ड हमारी रोजमर्रा की जरूरतों का अहम हिस्सा बन चुका है। शॉपिंग, ऑनलाइन पेमेंट, होटल बुकिंग या इमरजेंसी खर्च - हर जगह यह काम आता है। लेकिन जैसे ही बात ATM से क्रेडिट कार्ड के जरिए कैश निकालने की आती है, यही सुविधा आपकी जेब पर भारी पड़ सकती है। बहुत से लोग इसे तुरंत पैसों की जरूरत में आसान विकल्प मान लेते हैं, जबकि हकीकत इससे बिल्कुल अलग है।
क्रेडिट कार्ड से कैश निकालना, जिसे Cash Advance कहा जाता है, आमतौर पर तीन अलग-अलग तरह के चार्ज की वजह से महंगा हो जाता है। पहला और सबसे बड़ा चार्ज कैश एडवांस फी होता है। जैसे ही आप ATM से पैसा निकालते हैं, बैंक तुरंत निकाली गई राशि का एक तय प्रतिशत या न्यूनतम तय रकम काट लेता है। यह चार्ज आमतौर पर 2.5% से 3% तक हो सकता है, चाहे आप छोटी ही रकम क्यों न निकालें।
दूसरा बड़ा झटका फाइनेंस चार्ज या ब्याज के रूप में लगता है। क्रेडिट कार्ड से की गई शॉपिंग पर आपको एक फ्री क्रेडिट पीरियड मिलता है, लेकिन कैश एडवांस पर यह सुविधा नहीं होती । पैसा निकालते ही उसी दिन से ब्याज लगना शुरू हो जाता है। यह ब्याज दर काफी ज्यादा होती है और तब तक चलती रहती है, जब तक आप पूरी रकम चुकता नहीं कर देते।
तीसरा खर्च GST के रूप में जुड़ता है। कैश एडवांस फी और ब्याज - दोनों पर जीएसटी लगता है, जिससे कुल खर्च और बढ़ जाता है। यानी आप जितना कैश निकालते हैं, असल में उससे कहीं ज्यादा रकम वापस चुकानी पड़ती है।
उदाहरण के तौर पर, अगर आप ATM से 10,000 रुपये निकालते हैं, तो कैश एडवांस फी, उस पर GST और रोजाना लगने वाला ब्याज मिलाकर कुछ ही दिनों में आपकी देनदारी 11,000 रुपये से भी ऊपर जा सकती है। यही वजह है कि फाइनेंशियल एक्सपर्ट्स क्रेडिट कार्ड से कैश निकालने से बचने की सलाह देते हैं।
अगर बहुत ज्यादा इमरजेंसी न हो, तो बेहतर है कि डेबिट कार्ड, UPI या पर्सनल लोन जैसे विकल्पों पर विचार किया जाए। क्रेडिट कार्ड कैश एडवांस सुविधा जरूर देता है, लेकिन इसकी कीमत आपको भारी पड़ सकती है।
कुल मिलाकर, क्रेडिट कार्ड से कैश निकालना आसान जरूर है, लेकिन समझदारी भरा फैसला नहीं। थोड़ी सी जानकारी आपको बड़े नुकसान से बचा सकती है।