Last Updated Sep - 04 - 2025, 11:32 AM | Source : Fela News
GST Council: प्रस्ताव के मुताबिक, जो सामान अभी 12% टैक्स स्लैब में है, उनमें से लगभग 99% को 5% स्लैब में लाया जाएगा। वहीं, करीब 90% चीज़ें जो अभी 28% स्लैब में
GST Council Meeting: जीएसटी काउंसिल की दो दिन की बैठक 3 सितंबर से शुरू हो चुकी है। यह बैठक तय समय से पहले बुलाई गई है और इसमें बड़े टैक्स सुधारों पर चर्चा हो रही है। अभी जीएसटी चार स्लैब – 5%, 12%, 18% और 28% – में लागू है, लेकिन काउंसिल इसे आसान बनाने की तैयारी में है।
प्रस्ताव है कि 12% वाले स्लैब की लगभग 99% चीजों को 5% में और 28% वाले स्लैब की करीब 90% चीजों को 18% में शिफ्ट किया जाए। माना जा रहा है कि यह फैसला पीएम मोदी के स्वतंत्रता दिवस पर किए गए ऐलान को ध्यान में रखते हुए लिया जाएगा।
क्या होगा सस्ता?
अगर प्रस्ताव लागू हुआ तो कई चीजें सस्ती हो जाएंगी:
12% से 5% स्लैब में: प्रोसेस्ड फूड (मिठाइयाँ, नमकीन, सॉस, पापड़), रेडीमेड कपड़े और जूते, घरेलू सामान (वॉशिंग पाउडर, ब्रश, पंखा), फर्नीचर, प्लास्टिक प्रोडक्ट्स, इलेक्ट्रिक एक्सेसरीज़, ट्रैक्टर, खेती-बाड़ी से जुड़ी चीजें, हेयर ऑयल और शैम्पू।
28% से 18% स्लैब में: टीवी, फ्रिज, एसी, वॉशिंग मशीन, मिड-सेगमेंट टू-व्हीलर और कारें, कॉस्मेटिक्स, परफ्यूम, पेंट, सीमेंट, हाइब्रिड डीजल कारें, डिश वॉशर, पेट्रोल-सीएनजी कारें, ट्रांसपोर्ट वाहनों के साथ हेल्थकेयर सामान जैसे थर्मामीटर, मेडिकल ऑक्सीजन, ग्लूकोमीटर, हेल्थ व लाइफ इंश्योरेंस।
क्या होगा महंगा?
कुछ चीजों पर टैक्स बढ़ सकता है, खासकर शराब और लग्जरी सामानों पर।
असर क्या होगा?
आम लोगों को रोजमर्रा की चीजें सस्ती मिलेंगी।
उद्योगों की बिक्री बढ़ेगी और घरेलू उद्योगों को बढ़ावा मिलेगा।
रोजगार और मैन्युफैक्चरिंग पर सीधा असर होगा।
यानी यह सुधार उपभोक्ताओं और कारोबारियों – दोनों के लिए फायदेमंद माना जा रहा है।