Header Image

डिजिटल खाता खोलना मुश्किल, अब बैंक शाखा जाना होगा?

डिजिटल खाता खोलना मुश्किल, अब बैंक शाखा जाना होगा?

Last Updated Jan - 08 - 2026, 03:09 PM | Source : Fela News

आईडी चोरी और फर्जी खातों के बढ़ते मामलों के बीच कई बड़े बैंकों ने डिजिटल खाता खोलने की सुविधा सीमित कर दी है, RBI नियमों की सख्ती बढ़ी।
डिजिटल खाता खोलना मुश्किल
डिजिटल खाता खोलना मुश्किल

पिछले कुछ वर्षों में बैंकिंग सेवाएं तेजी से डिजिटल हुई थीं। घर बैठे मोबाइल या लैपटॉप से बैंक खाता खोलना आम बात हो गई थी। लेकिन अब यह सुविधा धीरे-धीरे सीमित होती नजर आ रही है। बढ़ती आईडी चोरी, फर्जी खातों और साइबर फ्रॉड के मामलों ने बैंकों और नियामकों की चिंता बढ़ा दी है। इसी वजह से कई बड़े बैंकों ने पूरी तरह डिजिटल खाता खोलने की प्रक्रिया पर ब्रेक लगा दिया है।

सूत्रों के अनुसार ICICI Bank, HDFC Bank, State Bank of India, Bank of India और Bank of Baroda जैसे प्रमुख बैंकों ने ऑनलाइन अकाउंट ओपनिंग की प्रक्रिया को या तो पूरी तरह बंद कर दिया है या फिर बेहद सख्त कर दिया है। अब नए ग्राहकों को या तो बैंक शाखा में जाकर अपने दस्तावेज दिखाने होंगे या बैंक अधिकारी उनके घर जाकर KYC प्रक्रिया पूरी करेंगे।

इस बदलाव के पीछे सबसे बड़ा कारण ऑनलाइन KYC के दुरुपयोग के मामले बताए जा रहे हैं। कई मामलों में चोरी की पहचान, फर्जी दस्तावेजों और बिना जानकारी के लोगों के नाम पर खाते खोले गए। इन खातों का इस्तेमाल मनी लॉन्ड्रिंग, साइबर ठगी और अवैध लेन-देन के लिए किया गया। जब ऐसे मामले सामने आए, तो Reserve Bank of India ने कुछ बैंकों पर नियमों के उल्लंघन को लेकर जुर्माना भी लगाया।

RBI के नियमों के अनुसार, KYC प्रक्रिया में ग्राहक की सही पहचान, पते का सत्यापन और जोखिम का आकलन बेहद जरूरी है। डिजिटल प्रक्रिया में कुछ खामियां सामने आने के बाद नियामक ने बैंकों को ज्यादा सतर्क रहने के निर्देश दिए। इसी के चलते बैंकों ने "फिजिकल वेरिफिकेशन" को फिर से अहम बना दिया है।

हालांकि, इसका मतलब यह नहीं है कि डिजिटल बैंकिंग पूरी तरह खत्म हो रही है। पैसे ट्रांसफर, बिल पेमेंट, लोन आवेदन और अन्य सेवाएं अब भी ऑनलाइन उपलब्ध रहेंगी। बदलाव सिर्फ नए बैंक खाते खोलने की प्रक्रिया में किया गया है, ताकि फर्जीवाड़े पर लगाम लगाई जा सके।

ग्राहकों के लिए यह बदलाव थोड़ा असुविधाजनक जरूर है, खासकर उन लोगों के लिए जो डिजिटल सेवाओं के आदी हो चुके हैं। लेकिन बैंक और नियामक इसे सुरक्षा के लिहाज से जरूरी कदम बता रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि जब तक ऑनलाइन KYC सिस्टम पूरी तरह सुरक्षित नहीं हो जाता, तब तक बैंकों का यह रुख बना रह सकता है।

कुल मिलाकर, अगर आप नया बैंक खाता खोलने की योजना बना रहे हैं, तो तैयार रहिएअब आपको दोबारा बैंक शाखा जाना पड़ सकता है। यह कदम भले ही असुविधाजनक लगे, लेकिन इसका मकसद बैंकिंग सिस्टम को ज्यादा सुरक्षित बनाना है।

Share :

Trending this week

14.2 किलो गैस सिलेंडर आज कितना सस्ता?

Apr - 11 - 2026

LPG cylinder price on April 11: मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव और ईरान-अमेरिका-इ... Read More

चिल्ड्रन अलाउंस क्या है

Apr - 10 - 2026

केंद्र सरकार के कर्मचारियों के लिए बड़ी राहत की खबर साम... Read More

दूसरे दिन गिरा सोना-चांदी

Apr - 10 - 2026

Gold Silver Price Today: शुक्रवार, 10 अप्रैल को घरेलू फ्यूचर मार्केट में ... Read More