Last Updated Feb - 25 - 2026, 03:31 PM | Source : Fela News
अमेरिकी टैरिफ फैसलों के बीच शुरुआती कारोबार में भारतीय रुपया डॉलर के मुकाबले मजबूत हुआ। रिपोर्ट के अनुसार रुपया छह पैसे की बढ़त के साथ कारोबार करता देखा गया।
वैश्विक व्यापार तनाव और अमेरिकी टैरिफ फैसलों के बीच भारतीय मुद्रा ने मजबूती दिखाई है। रिपोर्ट के अनुसार बुधवार के शुरुआती कारोबार में भारतीय रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले छह पैसे की बढ़त के साथ खुला। मुद्रा बाजार में यह मजबूती निवेशकों की गतिविधियों और वैश्विक संकेतों के बीच दर्ज की गई।
बताया जा रहा है कि डॉलर के मुकाबले रुपया मजबूत होने के पीछे घरेलू बाजार में सकारात्मक रुझान और विदेशी निवेश से जुड़े कारक भूमिका निभा सकते हैं। सूत्रों के मुताबिक शुरुआती सत्र में मुद्रा विनिमय दर में सुधार दर्ज किया गया, जिससे रुपया पिछले बंद स्तर की तुलना में बेहतर स्थिति में नजर आया।
रिपोर्ट में अमेरिकी टैरिफ नीतियों के संदर्भ का भी उल्लेख किया गया है, जिसे वैश्विक बाजार के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। हालांकि इसके बावजूद भारतीय मुद्रा में गिरावट के बजाय मजबूती देखी गई।
इस बीच विदेशी मुद्रा कारोबारियों का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों, डॉलर इंडेक्स और वैश्विक निवेश प्रवाह का असर रुपये की चाल पर पड़ता है। वहीं दूसरी ओर घरेलू शेयर बाजार की स्थिति भी मुद्रा विनिमय दर को प्रभावित करती है।
रिपोर्ट के अनुसार शुरुआती कारोबार में रुपया मजबूत जरूर हुआ, लेकिन आगे की दिशा वैश्विक आर्थिक संकेतों और बाजार गतिविधियों पर निर्भर करेगी। मुद्रा बाजार में उतार-चढ़ाव सामान्य प्रक्रिया का हिस्सा बताया गया है।
कुल मिलाकर अमेरिकी आर्थिक नीतियों के बीच भी भारतीय रुपया शुरुआती सत्र में सकारात्मक रुख के साथ दिखाई दिया। आने वाले कारोबारी सत्रों में निवेश प्रवाह, कच्चे तेल की कीमतों और वैश्विक आर्थिक परिस्थितियों के आधार पर आगे की चाल तय होने की संभावना बताई गई है।
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