Last Updated Jan - 13 - 2026, 04:01 PM | Source : Fela News
ट्रंप के नए टैरिफ ऐलान ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है। शुरुआती तेजी के बाद शेयर बाजार अचानक फिसल गया, और 75% तक के टैरिफ का डर निवेशकों के लिए बड़ा झटका बन गया
अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हाल ही में एक नया बयान दिया है, जिसमें उन्होंने आयात पर टैरिफ बढ़ाने की संभावना जताई। इसके बाद ग्लोबल मार्केट में तुरंत असर दिखाई दिया। शुरुआती समय में शेयर बाजार मजबूती के साथ खुला और तेजी दिखा रहा था, लेकिन ट्रंप के बयान के बाद निवेशक डर के साए में आ गए और तेजी अचानक फिसल गई
विशेषज्ञों का कहना है कि निवेशकों में यह डर खासतौर पर उन सेक्टरों को लेकर है, जो अमेरिका से आयात पर निर्भर हैं। इलेक्ट्रॉनिक्स, ऑटोमोबाइल, स्टील और कृषि उत्पादों पर बढ़े टैरिफ का असर कंपनियों के मुनाफे और कीमतों पर पड़ सकता है। यही वजह है कि बाजार में इतनी तेजी के बाद अचानक गिरावट देखी गई।
आर्थिक विश्लेषकों का कहना है कि 75% तक के टैरिफ की संभावना एक बड़ा जोखिम बन सकती है। इससे न सिर्फ अमेरिकी कंपनियों पर असर पड़ेगा, बल्कि ग्लोबल सप्लाई चेन भी प्रभावित होगी। भारतीय निवेशकों के लिए भी यह खबर चिंता का विषय बन गई है, क्योंकि कई कंपनियां अमेरिका के बाजार पर निर्भर हैं।
बाजार में गिरावट के बावजूद निवेशक अभी भी सतर्क हैं। कई निवेशक शेयर बेचने की बजाय स्थिति को देख रहे हैं और इस खबर का स्थायी असर कितना होगा, इसे समझने की कोशिश कर रहे हैं। विशेषज्ञों की राय है कि अगर अमेरिका और अन्य देशों के बीच कोई समझौता नहीं हुआ तो बाजार की अस्थिरता और बढ़ सकती है।
कुल मिलाकर, ट्रंप के नए टैरिफ ऐलान ने बाजार की हवा को बदल दिया है। शुरुआती तेजी के बावजूद निवेशकों में डर और अनिश्चितता ने शेयर बाजार को फिसलने पर मजबूर कर दिया। अब सबकी नजर इस पर है कि अमेरिका और वैश्विक बाजार अगले हफ्तों में किस दिशा में आगे बढ़ते हैं।