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Success Story: IIT से पढ़ाई, BPSC में टॉप रैंक, फिर UPSC फतह—जानें कौन हैं IAS मोनिका श्रीवास्तव

Success Story: IIT से पढ़ाई, BPSC में टॉप रैंक, फिर UPSC फतह—जानें कौन हैं IAS मोनिका श्रीवास्तव

Last Updated Apr - 07 - 2026, 04:11 PM | Source : Fela News

बिहार की मोनिका श्रीवास्तव ने अपनी मेहनत से यूपीएससी 2025 में ऑल इंडिया रैंक 16 हासिल की. इससे पहले वह बीपीएससी में भी टॉप कर चुकी हैं, जो उनकी बड़ी उपलब्धि है.
जानें कौन हैं IAS मोनिका श्रीवास्तव
जानें कौन हैं IAS मोनिका श्रीवास्तव

यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा देश की सबसे कठिन परीक्षाओं में मानी जाती है, जिसमें हर साल लाखों उम्मीदवार शामिल होते हैं। इस परीक्षा में सफलता पाना आसान नहीं होता, लेकिन बिहार की मोनिका श्रीवास्तव ने अपनी मेहनत और लगन से इसे संभव कर दिखाया। उन्होंने पहले बीपीएससी में शानदार प्रदर्शन किया और फिर यूपीएससी 2025 में ऑल इंडिया रैंक 16 हासिल कर बड़ी सफलता हासिल की।

साधारण परिवार से बड़ी उपलब्धि

मोनिका श्रीवास्तव बिहार के औरंगाबाद जिले की रहने वाली हैं। उनके पिता बी.के. श्रीवास्तव जिला परिषद में सहायक अभियंता हैं, जबकि उनकी मां गृहिणी हैं। एक साधारण परिवार में पली-बढ़ीं मोनिका ने शुरुआत से ही पढ़ाई में अच्छा प्रदर्शन किया। उन्होंने अपनी स्कूली शिक्षा सरस्वती शिशु मंदिर और डीएवी पब्लिक स्कूल से पूरी की।

आईआईटी से कॉर्पोरेट करियर तक

स्कूल के बाद मोनिका ने आईआईटी एंट्रेंस परीक्षा में सफलता हासिल की और आईआईटी गुवाहाटी में दाखिला लिया। वहां से उन्होंने कंप्यूटर साइंस इंजीनियरिंग की डिग्री हासिल की। पढ़ाई पूरी करने के बाद उन्हें चेन्नई में एक अच्छी नौकरी मिली और उन्होंने कॉर्पोरेट सेक्टर में काम शुरू किया।

नौकरी के साथ की तैयारी

मोनिका ने अपने लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए नौकरी के साथ ही तैयारी शुरू की। वह रोजाना 7-8 घंटे पढ़ाई करती थीं। उनकी मेहनत का नतीजा 2022 में देखने को मिला, जब उन्होंने बीपीएससी परीक्षा में छठा स्थान हासिल किया और महिला टॉपर भी रहीं।

यूपीएससी में लगातार सुधार

बीपीएससी में सफलता के बाद उनका आत्मविश्वास बढ़ा और उन्होंने यूपीएससी की तैयारी शुरू की। 2024 में उन्होंने पहली बार यूपीएससी पास किया और 455वीं रैंक हासिल की। इसके बाद उन्होंने अपनी तैयारी और मजबूत की और 2025 में ऑल इंडिया रैंक 16 हासिल कर बड़ी सफलता पाई।

प्रेरणा बनी सफलता की कहानी

मोनिका श्रीवास्तव की कहानी यह दिखाती है कि कड़ी मेहनत, सही रणनीति और धैर्य से किसी भी लक्ष्य को हासिल किया जा सकता है। उनका सफर उन युवाओं के लिए प्रेरणा है, जो सिविल सेवा में करियर बनाने का सपना देखते हैं।

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