Last Updated Feb - 04 - 2026, 11:11 AM | Source : Fela News
अभिनेता राजपाल यादव कानूनी संकट में फंस गए हैं। दिल्ली हाईकोर्ट ने कोर्ट को दिए गए वादों का पालन न करने पर उन्हें 4 फरवरी 2026 तक संबंधित जेल अधीक्षक के सामने स
बॉलीवुड अभिनेता राजपाल यादव की कानूनी मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं। दिल्ली हाईकोर्ट ने मंगलवार (3 फरवरी 2026) को आदेश दिया कि उन्हें 4 फरवरी 2026 तक संबंधित जेल अधीक्षक के सामने सरेंडर करना होगा। यह आदेश चेक बाउंस मामले में कोर्ट की कार्यवाही का उल्लंघन करने पर दिया गया है। मामला दिल्ली की कंपनी मेसर्स मुरली प्रोजेक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड से जुड़ा है, जिसने राजपाल की कंपनी को फिल्म निर्माण के लिए धन दिया था।
कोर्ट ने बताया व्यवहार निंदनीय
जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा ने राजपाल यादव के व्यवहार को निंदनीय करार देते हुए कहा कि उन्होंने शिकायतकर्ता से किए गए भुगतान के वादों को बार-बार तोड़ा। कोर्ट ने कहा कि कई अवसर और पर्याप्त सहनशीलता दिखाने के बावजूद भुगतान न करना न्यायिक प्रक्रिया के साथ खिलवाड़ है। यह आदेश उस समय आया जब कोर्ट ने राजपाल और उनकी पत्नी की नेगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट्स एक्ट, 1881 की धारा 138 के तहत सजा के खिलाफ अपीलों पर सुनवाई की।
इस मामले में राजपाल और उनकी पत्नी को छह महीने की साधारण कैद की सजा सुनाई गई थी, जिस पर 28 जून 2024 को एक समन्वय पीठ ने रोक लगा दी थी। कोर्ट ने तब कहा था कि दोनों आदतन अपराधी नहीं हैं और आपसी सहमति से मामला सुलझाने के इच्छुक हैं, जिसके बाद केस मीडिएशन में भेजा गया था।
भुगतान में लगातार चूक
मीडिएशन के बाद कोर्ट ने कहा कि जून 2024 से राजपाल यादव ने कई बार मोहलत मांगी और हर बार भुगतान का आश्वासन दिया, लेकिन तय समय पर राशि जमा नहीं की। उन्होंने पहले 2.5 करोड़ रुपये चुकाने का वादा किया था, जिसमें 40 लाख और 2.10 करोड़ रुपये की किश्तें शामिल थीं, लेकिन वह नई तारीखों तक भी भुगतान करने में असफल रहे। कोर्ट ने यह भी कहा कि अभिनेता ने रजिस्ट्रार जनरल के पास डिमांड ड्राफ्ट जमा करने या उसमें बताई गई खामियों को दूर करने के लिए कोई कदम नहीं उठाया।
सरेंडर का आदेश
कोर्ट ने राजपाल यादव को 4 फरवरी 2026 तक जेल अधीक्षक के सामने सरेंडर करने का निर्देश दिया है। हालांकि, उनके वकील की मांग पर कोर्ट ने उन्हें उसी दिन शाम 4 बजे तक सरेंडर करने की अनुमति दी, क्योंकि अभिनेता को मुंबई में काम से जुड़ी जिम्मेदारियां थीं। मामले की अगली सुनवाई 5 फरवरी 2026 के लिए तय की गई है ताकि जेल अधिकारियों द्वारा नियमों के पालन को सुनिश्चित किया जा सके।
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