Last Updated Oct - 08 - 2025, 04:47 PM | Source : Fela News
असम के मशहूर गायक जुबिन गर्ग की मौत को लेकर अब नए खुलासे सामने आ रहे हैं। दो-दो पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट, जहर की आशंका और CID की चुप्पी ने इस मामले को और रहस्यमयी बन
पूर्वोत्तर भारत के लोकप्रिय गायक जुबिन गर्ग की मौत के बाद अब जांच का रुख बदलता दिख रहा है। पहले इसे प्राकृतिक मौत बताया जा रहा था, लेकिन अब पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के कुछ अंशों ने शक की सुई ज़हर की ओर मोड़ दी है। सूत्रों के मुताबिक, जुबिन का दो बार पोस्टमॉर्टम किया गया , एक सिंगापुर में और दूसरा भारत में, जहां रिपोर्ट में कई विरोधाभास पाए गए हैं।
परिवार का कहना है कि जुबिन की तबीयत अचानक बिगड़ी थी और उन्हें अस्पताल ले जाया गया था, लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। हालांकि, दूसरी रिपोर्ट में शरीर में कुछ रासायनिक तत्वों के निशान मिले हैं, जिससे यह संदेह गहराता जा रहा है कि कहीं यह सामान्य हार्ट फेल्योर नहीं, बल्कि किसी जहरीले पदार्थ का असर तो नहीं था।
इस पूरे मामले की जांच अब CID के पास है, लेकिन अभी तक एजेंसी की ओर से कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया गया है। जांच टीम ने अस्पताल के रिकॉर्ड, डॉक्टरों के बयान और निजी सहायकों से पूछताछ शुरू कर दी है।
फैंस सोशल मीडिया पर लगातार न्याय की मांग कर रहे हैं। “Justice for Zubeen” ट्रेंड करते हुए लोग सवाल उठा रहे हैं कि आखिर इतनी बड़ी घटना पर अब तक जांच एजेंसियां खामोश क्यों हैं।
असम और पूरे पूर्वोत्तर में जुबिन गर्ग को एक सांस्कृतिक प्रतीक माना जाता था। उनकी अचानक मौत ने लाखों प्रशंसकों को सदमे में डाल दिया है। अब जबकि पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट और जांच में नए संकेत मिल रहे हैं, यह मामला पहले से कहीं ज्यादा पेचीदा होता जा रहा है।
लोगों के मन में बस एक ही सवाल है —क्या जुबिन गर्ग की मौत वाकई एक हादसा थी, या इसके पीछे कोई अनकही साजिश छिपी है?