Last Updated Mar - 08 - 2025, 03:05 PM | Source : Fela News
तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन ने केंद्र सरकार पर हिंदी थोपने का आरोप लगाया। उन्होंने तीन-भाषा फॉर्मूला की आलोचना करते हुए इसे 'हिंदी उपनिवेशवाद' करार द
मुख्यमंत्री स्टालिन ने तीन-भाषा फॉर्मूला की कड़ी आलोचना करते हुए इसे 'हिंदी उपनिवेशवाद' करार दिया। तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन ने केंद्र सरकार की राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 के तहत प्रस्तावित तीन-भाषा फॉर्मूला की कड़ी आलोचना की है, इसे 'हिंदी उपनिवेशवाद' ( colonialism) करार देते हुए कहा कि तमिलनाडु इसे बर्दाश्त नहीं करेगा। उन्होंने कहा, "इतिहास गवाह है कि जिन्होंने तमिलनाडु पर हिंदी थोपने की कोशिश की, उन्हें या तो हार का सामना करना पड़ा या उन्होंने अपना रुख बदलकर डीएमके के साथ गठबंधन किया। तमिलनाडु ब्रिटिश उपनिवेशवाद के स्थान पर हिंदी उपनिवेशवाद को सहन नहीं करेगा।"
भाजपा की हस्ताक्षर अभियान पर तंज
स्टालिन ने राज्य भाजपा द्वारा तीन-भाषा फॉर्मूला के समर्थन में चलाए जा रहे हस्ताक्षर अभियान का मजाक उड़ाते हुए चुनौती दी कि वे इसे अगले विधानसभा चुनाव में मुख्य मुद्दा बनाएं। उन्होंने कहा, "अब भाजपा का सर्कस जैसा हस्ताक्षर अभियान तमिलनाडु में हंसी का पात्र बन गया है। मैं उन्हें चुनौती देता हूं कि वे इसे 2026 के विधानसभा चुनावों में अपना मुख्य एजेंडा बनाएं और हिंदी थोपने पर जनमत संग्रह कराएं।"
केंद्रीय शिक्षा मंत्री पर निशाना
स्टालिन ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान पर भी निशाना साधते हुए कहा कि उन्होंने एक ऐसी लड़ाई को पुनर्जीवित किया है जिसे वे कभी जीत नहीं सकते। उन्होंने कहा, "केंद्रीय शिक्षा मंत्री ने हमें उकसाया है, और अब उन्हें एक ऐसी लड़ाई का सामना करना पड़ रहा है जिसे वे कभी जीत नहीं सकते। तमिलनाडु धमकियों के आगे झुकने वाला नहीं है।"
हिंदी थोपने का विरोध
मुख्यमंत्री ने केंद्र सरकार की योजनाओं, संस्थानों और पुरस्कारों के नामों में हिंदी के अत्यधिक उपयोग पर आपत्ति जताते हुए कहा कि यह गैर-हिंदी भाषी लोगों के लिए असुविधाजनक है, जो भारत में बहुसंख्यक हैं। उन्होंने कहा, "हिंदी को इस हद तक थोपा गया है कि यह गैर-हिंदी भाषी लोगों के लिए असहनीय हो गया है, जो भारत में बहुसंख्यक हैं।"
भाजपा की प्रतिक्रिया
तमिलनाडु भाजपा प्रमुख के. अन्नामलाई ने स्टालिन के आरोपों का खंडन करते हुए दावा किया कि राज्य भर में एक लाख से अधिक लोगों ने भाजपा के तीन-भाषा नीति के समर्थन में ऑनलाइन अभियान का समर्थन किया है। उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी अपनी पहुंच को जारी रखेगी, चाहे सरकार कितने भी लोगों को गिरफ्तार करे।
तमिलनाडु में हिंदी थोपने का मुद्दा एक बार फिर से चर्चा में है, जहां मुख्यमंत्री स्टालिन ने केंद्र की भाषा नीति की कड़ी आलोचना की है, जबकि भाजपा ने इसे समर्थन देने वालों की संख्या पर जोर दिया है। यह विवाद राज्य की भाषा और सांस्कृतिक पहचान के संरक्षण के प्रयासों को दर्शाता है।