Last Updated Nov - 15 - 2025, 12:51 PM | Source : https://www.google.com/search?q=Fela+News+Hindi+(%E0%A4%B8%E0%A4%B9%E0%A5%80+%E0%A4%95%E0%A5%87+%E0%A4%B2%E0%A4%BF%E0%A4%8F+%E0%A4%B2%E0%A4%BF%E0%A4%96%E0%A4%A4%E0%A5%87+%E0%A4%B9%E0%A5%88%E0%A4%82)&rlz=1C1GCEA_enIN1123IN1123&oq=fe&gs_lcrp=EgZjaHJvbWUqCAg
बिहार चुनाव के नतीजों ने विपक्ष के खेमे में हलचल तेज कर दी है। कांग्रेस और महागठबंधन के भीतर हार की वजहों पर सवाल उठने लगे हैं, और अब पार्टी हाईकमान भी गंभीर मं
बिहार विधानसभा चुनाव परिणामों के बाद कांग्रेस ने अपनी स्थिति पर गंभीर समीक्षा शुरू कर दी है। बताया जा रहा है कि दिल्ली में पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के घर देर शाम एक अहम बैठक हुई, जिसमें राहुल गांधी भी मौजूद रहे। चुनाव में महागठबंधन के कमजोर प्रदर्शन के बाद यह बैठक बेहद अहम मानी जा रही है, क्योंकि कांग्रेस लगातार दो चुनावों में बिहार में अपेक्षित प्रदर्शन नहीं कर पाई है।
सूत्रों का मानना है कि बैठक में उम्मीदवार चयन से लेकर कैंपेन प्लानिंग और गठबंधन की रणनीति तक—हर पहलू पर विस्तार से चर्चा हुई। कई नेता यह भी मान रहे हैं कि महागठबंधन का संदेश और प्रबंधन दोनों ही स्तरों पर कमजोर साबित हुए, जिसका सीधा असर चुनाव नतीजों में दिखा।
इस बीच, बिहार में NDA ने एक बार फिर दमदार बढ़त हासिल कर ली है। JDU और BJP के नेतृत्व में NDA की सीटें मजबूती से बढ़ती रहीं, वहीं RJD-कांग्रेस गठबंधन कई सीटों पर पिछड़ता गया। कांग्रेस बिहार में अपने सीमित जनाधार को बढ़ाने में नाकाम रही, जिसके कारण महागठबंधन का कुल प्रदर्शन भी कमजोर दिखा।
RJD खेमे में भी अंदरूनी नाराजगियां उभर रही हैं, हालांकि पार्टी नेतृत्व इसे ‘प्रक्रिया का हिस्सा’ बता रहा है। लेकिन कांग्रेस में स्थिति ज्यादा दबाव वाली है, क्योंकि पुराने सहयोगी भी अब सवाल उठाने लगे हैं कि पार्टी जमीन पर सक्रिय क्यों नहीं दिखी।
कांग्रेस की बैठक में यह भी माना गया कि बिहार में संगठन का ढांचा कमजोर है, और चुनावी सीजन के अलावा पार्टी की कोई मजबूत उपस्थिति नहीं दिखती। यही वजह रही कि गठबंधन में कांग्रेस का असर सीमित रहा और कई सीटों पर वोटों का प्रत्यक्ष नुकसान हुआ।
हालांकि राहुल गांधी ने बैठक में कहा कि पार्टी को जमीन पर वापस खड़ा करने के लिए नए सिरे से योजना बनानी होगी। यह भी संकेत मिले कि आने वाले दिनों में बिहार इकाई में बड़े बदलाव संभव हैं।
फिलहाल, पार्टी ने अपने रणनीतिकारों को रिपोर्ट तैयार करने के निर्देश दे दिए हैं, जिसके आधार पर आगे कदम उठाए जाएंगे। महागठबंधन में भी आत्ममंथन जारी है, लेकिन कांग्रेस की बैठक से साफ है कि पार्टी अपनी हार को हल्के में नहीं ले रही है और आने वाले महीनों में बिहार में नया राजनीतिक समीकरण उभर सकता है।
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