Last Updated Jul - 12 - 2025, 02:12 PM | Source : Fela News
Air India विमान हादसे में इंजन फेल हो गया, लेकिन पायलट्स ने आखिरी सांस तक विमान और यात्रियों को बचाने की पूरी कोशिश की। साहस और कर्तव्य का प्रेरणादायक उदाहरण।
Air India के उस भयावह हादसे की रिपोर्ट सामने आ चुकी है, जिसमें साफ हुआ है कि दोनों पायलट्स ने अंतिम क्षण तक विमान को बचाने की कोशिश की थी। इंजन बंद हो चुके थे, लेकिन पायलटों का जज्बा नहीं टूटा। उन्होंने आखिरी पल तक विमान को सुरक्षित लैंड कराने का प्रयास किया और 'मेडे' कॉल देने से पहले इंजन को दोबारा चालू करने की कोशिशें भी कीं।
एयरक्राफ्ट एक्सिडेंट इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो (AAIB) की रिपोर्ट के मुताबिक, हादसे से पहले एयर इंडिया का यह विमान अचानक डबल इंजन फेल्योर का शिकार हो गया। ऐसी स्थिति में पायलट्स ने तय प्रोटोकॉल के अनुसार तुरंत प्रतिक्रिया दी। उन्होंने दोनों इंजन को री-स्टार्ट करने की कई बार कोशिश की, लेकिन तकनीकी कारणों से सफलता नहीं मिली। इसके बाद ‘मेडे’ कॉल जारी की गई, जो किसी भी उड़ान के लिए इमरजेंसी का संकेत होती है।
रिपोर्ट बताती है कि पायलट्स ने पूरी प्रोफेशनल जिम्मेदारी निभाते हुए स्थिति को संभालने की भरपूर कोशिश की। उनकी बहादुरी और संकल्प यह दर्शाता है कि उन्होंने न सिर्फ अपनी जान की परवाह की, बल्कि विमान और उसमें सवार लोगों को सुरक्षित रखने के लिए अंत तक प्रयास किया।
यह हादसा भले ही विमानन इतिहास में एक दुखद घटना बन गया हो, लेकिन इसमें शामिल पायलट्स का साहस और कर्तव्यनिष्ठा एक मिसाल बनकर सामने आई है। AAIB की रिपोर्ट अब तकनीकी कारणों की गहराई से जांच कर रही है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं से बचा जा सके।