Last Updated Nov - 10 - 2025, 05:13 PM | Source : Fela News
सुप्रीम कोर्ट ने बिहार के साथ बंगाल में चल रही जांच पर भी सुनवाई करने का फैसला किया है। दोनों राज्यों के मामलों को एक साथ देखने की तैयारी शुरू।
कांग्रेस पार्टी ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाते हुए मांग की है कि बिहार में चल रही स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) प्रक्रिया की तरह पश्चिम बंगाल में भी इसी मामले की सुनवाई की जाए। पार्टी का कहना है कि दोनों राज्यों में मतदाता सूची से जुड़ी अनियमितताओं की जांच समान रूप से होनी चाहिए।
दरअसल, बिहार में चल रही SIR प्रक्रिया का उद्देश्य मतदाता सूची को अपडेट करना और डुप्लिकेट नामों या फर्जी वोटर्स को हटाना है। लेकिन कांग्रेस का आरोप है कि इस प्रक्रिया का इस्तेमाल राजनीतिक लाभ के लिए किया जा रहा है। पार्टी ने दावा किया कि जिस तरह बिहार में मतदाता सूची की गहन जांच हो रही है, वैसे ही पश्चिम बंगाल में भी समीक्षा की जानी चाहिए ताकि पारदर्शिता बनी रहे।
कांग्रेस नेताओं का कहना है कि पश्चिम बंगाल में भी मतदाता सूची में गड़बड़ियों की शिकायतें लगातार सामने आ रही हैं। इसीलिए पार्टी चाहती है कि सुप्रीम कोर्ट दोनों राज्यों के मामलों को साथ लेकर सुने और एक समान दिशा-निर्देश जारी करे।
जानकारी के मुताबिक, कांग्रेस ने अपनी याचिका में यह भी कहा है कि चुनाव आयोग को राजनीतिक दबाव से मुक्त होकर दोनों राज्यों में निष्पक्ष कार्रवाई करनी चाहिए। पार्टी का तर्क है कि अगर केवल एक राज्य में कड़ी जांच होगी और दूसरे में नहीं, तो लोकतांत्रिक प्रक्रिया की विश्वसनीयता पर सवाल उठेंगे।
सुप्रीम कोर्ट अब इस याचिका पर सुनवाई करेगा और तय करेगा कि क्या बिहार और बंगाल दोनों राज्यों में एक साथ जांच की जा सकती है या नहीं।
इस पूरे मामले ने राजनीतिक हलकों में हलचल मचा दी है, क्योंकि आने वाले चुनावों से पहले मतदाता सूची की शुद्धता एक बड़ा मुद्दा बन गई है। अब सबकी निगाहें सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर हैं , जो तय करेगा कि क्या यह विवाद सिर्फ प्रशासनिक प्रक्रिया है या इसके पीछे कोई बड़ा राजनीतिक खेल छिपा है।