Last Updated Oct - 03 - 2025, 05:21 PM | Source : Fela News
विदेशी पर्यटक कम होने के बावजूद, भारतीयों की उत्साही भागीदारी ने देश में पर्यटन की रौनक बढ़ाई और होटल, यात्रा व मनोरंजन उद्योग को संजीवनी दी।
भारत के टूरिज्म सेक्टर में इस बार एक दिलचस्प तस्वीर देखने को मिली। चीन और बांग्लादेश जैसे पड़ोसी देशों से पर्यटकों की संख्या कम रही, लेकिन भारतीय यात्रियों और एनआरआई की वजह से सेक्टर ने बंपर कमाई कर डाली। यानी विदेशी पर्यटकों की कमी को घरेलू पर्यटकों ने बड़े पैमाने पर पूरा कर दिया।
आंकड़ों के मुताबिक, इस साल भारत घूमने आने वाले चीनी और बांग्लादेशी टूरिस्ट की संख्या घट गई है। माना जा रहा है कि राजनीतिक तनाव, वीज़ा पॉलिसी और अन्य कारणों की वजह से इन देशों से यात्रियों की आमद पहले जैसी नहीं रही। लेकिन दूसरी ओर, देश के भीतर घूमने वाले भारतीयों की संख्या में भारी इज़ाफा हुआ है। खासकर त्योहारों और छुट्टियों के सीजन में घरेलू यात्रियों ने पहाड़ों से लेकर तटीय इलाकों तक पर्यटन स्थलों को खचाखच भर दिया।
सिर्फ यही नहीं, विदेशों में बसे भारतीय यानी एनआरआई भी बड़ी संख्या में अपने देश घूमने आए। उन्होंने यहां पर न सिर्फ परिवार से मुलाकात की, बल्कि पर्यटन स्थलों पर जमकर खर्च भी किया। होटल, ट्रांसपोर्ट और लोकल बिज़नेस को इससे काफी फायदा पहुंचा।
टूरिज्म इंडस्ट्री के जानकारों का कहना है कि भारत में घरेलू यात्रियों की बढ़ती संख्या एक नया ट्रेंड बना रही है। अब भारत का पर्यटन क्षेत्र सिर्फ विदेशी सैलानियों पर निर्भर नहीं रहा, बल्कि भारतीय पर्यटकों की वजह से भी मजबूती पा रहा है।
कुल मिलाकर, चीन और बांग्लादेश जैसे देशों से पर्यटकों की कमी भले रही हो, लेकिन भारतीयों ने अपने ही देश की यात्रा कर यह साबित कर दिया कि भारत का टूरिज्म सेक्टर अब किसी भी हालत में पीछे नहीं हटने वाला।