Last Updated Jan - 27 - 2026, 03:06 PM | Source : Fela News
चंडीगढ़ से कश्मीर तक एक्टिवा पर अकेले सफर कर रही आंटी का वीडियो सोशल मीडिया पर छाया हुआ है। उनका आत्मविश्वास और हौसला लोगों के लिए मिसाल बन गया है।
सोशल मीडिया पर हर दिन कोई न कोई वीडियो वायरल होता है, लेकिन कुछ वीडियो ऐसे होते हैं जो सिर्फ मनोरंजन नहीं करते, बल्कि सोच बदलने का काम भी करते हैं। इन दिनों ऐसा ही एक वीडियों इंटरनेट पर जबरदस्त तरीके से वायरल हो रहा है, जिसमें एक आंटी एक्टिवा स्कूटी पर सोलो ट्रिप करती नजर आ रही हैं। उनका यह सफर न सिर्फ रोमांचक है, बल्कि हर उम्र के लोगों के लिए प्रेरणा भी बन गया है।
वीडियो में देखा जा सकता है कि आंटी खुले आसमान के नीचे, ऊंचे पहाड़ों और लंबी सड़कों के बीच पूरे आत्मविश्वास के साथ स्कूटी चला रही हैं। बताया जा रहा है कि उन्होंने अपनी यह यात्रा चंडीगढ़ से शुरू की और मनाली होते हुए आगे का सफर तय किया। वीडियो बना रहे शख्स जब उनसे बात करता है, तो आंटी बड़े ही सादे अंदाज में बताती हैं कि अब उनका अगला पड़ाव श्रीनगर है। इसके बाद वह जम्मू होते हुए वापस चंडीगढ़ लौटेंगी।
सबसे दिलचस्प बात तब सामने आती है, जब उनसे पूछा जाता है कि क्या परिवार ने इस सोलो ट्रिप की इजाजत दी। इस पर आंटी मुस्कुराते हुए कहती है कि उनके पति और बेटे ने उन्हें कभी रोका नहीं। उन्होंने यह भी बताया कि वह पहले भी अकेले यात्रा कर चुकी हैं और उन्हें घूमना बेहद पसंद है। उनका यह जवाब सुनकर सामने वाला शख्स ही नहीं, बल्कि वीडियो देखने वाले लाखों लोग भी हैरान रह गए।
इस वीडियो के वायरल होने के बाद सोशल मीडिया पर प्रतिक्रियाओं की बाढ़ आ गई है। कोई उन्हें 'सोलो ट्रैवलर आंटी कहकर पुकार रहा है, तो कोई उनके जज्बे को सलाम कर रहा है। कई यूजर्स ने लिखा कि उम्र सिर्फ एक संख्या है और आंटी ने यह साबित कर दिया। वहीं कुछ लोगों ने कहा कि ऐसे लोग समाज में सकारात्मक सोच को बढ़ावा देते हैं।
आज भी हमारे समाज में यह धारणा बनी हुई है कि एक उम्र के बाद खासकर महिलाओं को लंबी या अकेली यात्रा नहीं करनी चाहिए। लेकिन इस आंटी ने इस सोच को पूरी तरह से गलत साबित कर दिया। बिना किसी दिखावे के, साधारण एक्टिवा पर पहाड़ों का सफर तय करना आसान नहीं होता। खराब मौसम, घुमावदार सड़कें और लंबी दूरी इन सबके बावजूद उनका हौसला डगमगाया नहीं।
यह कहानी सिर्फ एक वायरल वीडियो नहीं है, बल्कि यह संदेश भी देती है कि अगर इरादे मजबूत हों और परिवार का साथ मिले, तो कोई भी सपना अधूरा नहीं रहता। आंटी का यह सफर उन महिलाओं के लिए खास प्रेरणा है, जो घूमना तो चाहती हैं, लेकिन समाज या डर की वजह से कदम पीछे खींच लेती हैं।
आज सोशल मीडिया पर यह आंटी सिर्फ एक ट्रैवलर नहीं, बल्कि हिम्मत, आज़ादी और आत्मविश्वास की पहचान बन चुकी हैं। उनका सफर बताता है कि सपनों की कोई उम्र नहीं होती बस उन्हें पूरा करने का जज्बा होना चाहिए।
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