Last Updated Mar - 29 - 2025, 03:07 PM | Source : Fela News
बजिंदर सिंह को यौन उत्पीड़न मामले में दोषी पाया गया। अदालत ने जांच और गवाहों के बयान के आधार पर यह फैसला सुनाया। इस मामले में सजा का ऐलान जल्द किया जाएगा।
पंजाब के चर्चित पादरी बजिंदर सिंह को 2018 के यौन उत्पीड़न मामले में दोषी ठहराया गया है। मोहाली की एक अदालत ने उन्हें यौन दुराचार का दोषी पाया, जबकि पांच अन्य सह-आरोपियों को बरी कर दिया गया।
मामले की पृष्ठभूमि:
2018 में एक महिला ने बजिंदर सिंह पर यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया था, जिसके बाद मामला दर्ज किया गया था। 19 मार्च 2025 को मोहाली की अदालत में इस मामले की सुनवाई हुई, जिसमें छह आरोपियों के खिलाफ आरोप तय किए गए थे, जिनमें बजिंदर सिंह भी शामिल थे।
अदालत का निर्णय:
28 मार्च 2025 को अदालत ने बजिंदर सिंह को दोषी ठहराया, जबकि अन्य पांच आरोपियों को बरी कर दिया गया। अदालत ने कहा कि अभियोजन पक्ष ने बजिंदर सिंह के खिलाफ पर्याप्त साक्ष्य प्रस्तुत किए हैं, जो उन्हें दोषी साबित करने के लिए पर्याप्त हैं।
सजा की घोषणा:
अदालत ने बजिंदर सिंह की सजा की घोषणा 1 अप्रैल 2025 को निर्धारित की है। इस फैसले के बाद, बजिंदर सिंह के अनुयायियों और समाज में विभिन्न प्रतिक्रियाएं देखी जा रही हैं।
बजिंदर सिंह का परिचय:
बजिंदर सिंह, जिन्हें 'यशु यशु' पादरी के रूप में जाना जाता है, अपने चमत्कारी उपचारों और भव्य धर्म-सभाओं के लिए प्रसिद्ध हैं। उनके यूट्यूब चैनल पर लाखों सब्सक्राइबर हैं, और उनके धार्मिक आयोजनों के वीडियो सोशल मीडिया पर व्यापक रूप से देखे जाते हैं।
समाज पर प्रभाव:
इस मामले ने धार्मिक नेताओं की जवाबदेही और नैतिकता पर महत्वपूर्ण प्रश्न उठाए हैं। यह घटना दर्शाती है कि समाज में प्रतिष्ठित व्यक्तियों को भी कानून के समक्ष उत्तरदायी ठहराया जा सकता है, और न्याय प्रणाली सभी के लिए समान रूप से कार्य करती है।
यह मामला समाज में यौन उत्पीड़न के खिलाफ जागरूकता बढ़ाने और पीड़ितों को न्याय दिलाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।