Last Updated Apr - 11 - 2025, 12:50 PM | Source : Fela News
दिल्ली सरकार ने EV नीति 2.0 के तहत 15 अगस्त 2026 से पेट्रोल और CNG दोपहिया वाहनों के रजिस्ट्रेशन पर रोक लगाने का फैसला किया है।
नई दिल्ली: दिल्ली सरकार ने राजधानी में प्रदूषण को कम करने और हरित परिवहन को बढ़ावा देने के लिए एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। EV नीति 2.0 के मसौदे के अनुसार, 15 अगस्त 2026 से दिल्ली में पेट्रोल, डीजल और CNG से चलने वाले दोपहिया वाहनों के नए रजिस्ट्रेशन पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया जाएगा। इसका मतलब है कि लोकप्रिय बाइक मॉडल जैसे हीरो स्प्लेंडर और अन्य पारंपरिक दोपहिया वाहन अब दिल्ली में नहीं बिकेंगे।
मुख्य बिंदु:
CNG ऑटो रिक्शा पर प्रतिबंध: 15 अगस्त 2025 से दिल्ली में नए CNG ऑटो रिक्शा का रजिस्ट्रेशन बंद कर दिया जाएगा। साथ ही, 10 साल से अधिक पुराने CNG ऑटो को या तो हटाना होगा या उन्हें इलेक्ट्रिक में परिवर्तित करना अनिवार्य होगा।
तीसरी कार के लिए EV अनिवार्य: यदि किसी व्यक्ति के पास पहले से दो कारें हैं, तो तीसरी कार केवल इलेक्ट्रिक ही हो सकती है। यह नियम EV नीति लागू होने के बाद प्रभावी होगा।
सरकारी वाहनों का इलेक्ट्रिक में रूपांतरण: दिल्ली नगर निगम (MCD), नई दिल्ली नगर परिषद (NDMC) और जल बोर्ड (DJB) के पास जो कचरा उठाने वाले वाहन हैं, उन्हें 31 दिसंबर 2027 तक पूरी तरह से इलेक्ट्रिक वाहन में बदलना होगा।
पब्लिक ट्रांसपोर्ट में e-Bus को बढ़ावा: DTC और DIMTS की बसों को भी इलेक्ट्रिक बनाया जाएगा। पॉलिसी लागू होने के बाद सिर्फ इलेक्ट्रिक बसें ही दिल्ली के अंदरूनी रूट्स पर खरीदी जाएंगी।
सरकार का लक्ष्य:
दिल्ली सरकार का उद्देश्य है कि 2027 तक नए वाहनों के रजिस्ट्रेशन में 95% इलेक्ट्रिक वाहन शामिल हों। यह कदम राजधानी में वायु प्रदूषण को कम करने और स्वच्छ ऊर्जा के उपयोग को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।
दिल्ली की EV नीति 2.0 राजधानी को हरित और स्वच्छ बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है। हालांकि, यह बदलाव वाहन निर्माताओं, डीलरों और उपभोक्ताओं के लिए चुनौतियां भी पेश करेगा। सरकार को चाहिए कि वह इस संक्रमण को सुगम बनाने के लिए आवश्यक बुनियादी ढांचे और प्रोत्साहनों की व्यवस्था करे।