Last Updated Jan - 06 - 2026, 05:48 PM | Source : Fela News
दिल्ली विधानसभा में AAP ने प्रदूषण को लेकर जोरदार विरोध किया। नेता प्रतिपक्ष आतिशी ने आरोप लगाया कि BJP सरकार के पास जवाब नहीं, इसलिए चर्चा से बच रही है।
दिल्ली में बढ़ते प्रदूषण को लेकर एक बार फिर सियासत तेज हो गई है। विधानसभा के भीतर आम आदमी पार्टी (AAP) ने भाजपा सरकार के खिलाफ जोरदार विरोध दर्ज कराया। नेता प्रतिपक्ष Atishi ने सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि दिल्ली की सबसे बड़ी समस्या प्रदूषण बन चुकी है, लेकिन इसके बावजूद सरकार इस मुद्दे पर बहस से बच रही है।
दिल्ली विधानसभा की कार्यवाही के दौरान AAP विधायकों ने प्रदूषण पर चर्चा की मांग की। उनका कहना था कि राजधानी की हवा लगातार जहरीली होती जा रही है और इसका सीधा असर बच्चों, बुजुर्गों और बीमार लोगों की सेहत पर पड़ रहा है। इसके बावजूद सरकार इस विषय को प्राथमिकता देने के बजाय अन्य मुद्दों में उलझी हुई है।
नेता प्रतिपक्ष आतिशी ने कहा, “आज दिल्ली के सामने सबसे बड़ा संकट प्रदूषण है। हर साल सर्दियों में हालात और खराब हो जाते हैं, लेकिन सरकार के पास न कोई ठोस योजना है और न ही कोई संतोषजनक जवाब। यही वजह है कि भाजपा इस मुद्दे पर विधानसभा में खुली बहस से बच रही है।" उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदूषण नियंत्रण के लिए किए जा रहे दावे सिर्फ कागजों तक सीमित हैं।
AAP का कहना है कि सरकार को प्रदूषण पर श्वेत पत्र जारी करना चाहिए और यह बताना चाहिए कि पिछले वर्षों में क्या कदम उठाए गए और उनका क्या परिणाम निकला। पार्टी नेताओं ने यह भी सवाल उठाया कि जब हालात इतने गंभीर हैं, तो प्रदूषण से निपटने के लिए आपातकालीन उपाय क्यों नहीं किए जा रहे।
विरोध के दौरान AAP विधायकों ने सदन में नारेबाजी भी की, जिससे कुछ देर के लिए कार्यवाही बाधित हुई। उनका आरोप था कि सरकार जानबूझकर इस मुद्दे को नजरअंदाज कर रही है, क्योंकि इससे उसकी नाकामियां उजागर होंगी।
वहीं, भाजपा की ओर से कहा गया कि प्रदूषण एक जटिल समस्या है और इसके लिए केंद्र, राज्य और पड़ोसी राज्यों के समन्वय की जरूरत होती है। सरकार का दावा है कि प्रदूषण से निपटने के लिए विभिन्न स्तरों पर प्रयास किए जा रहे हैं, लेकिन विपक्ष राजनीतिक लाभ के लिए इस मुद्दे को बढ़ा-चढ़ाकर पेश कर रहा है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि प्रदूषण का मुद्दा दिल्ली की राजनीति में हमेशा से अहम रहा है। ऐसे में विधानसभा के भीतर यह टकराव आने वाले दिनों में और तेज हो सकता है। फिलहाल, AAP का विरोध यह साफ संकेत देता है कि प्रदूषण को लेकर वह सरकार पर लगातार दबाव बनाए रखने के मूड में है।