Last Updated Feb - 23 - 2026, 11:56 AM | Source : Fela News
पश्चिम बंगाल में नारी संकल्प यात्रा के दौरान सीएम रेखा गुप्ता ने ममता बनर्जी पर तीखा हमला बोला। विकास, सुरक्षा और घुसपैठ के मुद्दे पर TMC सरकार को घेरा।
पश्चिम बंगाल की राजनीति में बयानबाजी तेज हो गई है। भारतीय जनता पार्टी की महिला विंग द्वारा आयोजित 'नारी संकल्प यात्रा' को संबोधित करते हुए दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर तीखा हमला बोला। अपने भाषण में उन्होंने कहा, "दिल्ली से भड़या को भगा दिया, अब बंगाल से दीदी को भगाने की बारी है।" उनके इस बयान के बाद सियासी माहौल और गरमा गया है।
कोलकाता में आयोजित कार्यक्रम के दौरान रेखा गुप्ता ने कहा कि जब वह दिल्ली से बंगाल के लिए रवाना हुई तो उनके मन में यही विचार था कि "दिल्ली में भड़या थे, जिन्हें जनता ने हटा दिया, अब बंगाल में दीदी हैं।" उन्होंने दावा किया कि दोनों सरकारों की कार्यशैली एक जैसी रही है और जनता अब बदलाव चाहती है।
#WATCH | Kolkata, West Bengal: Delhi CM Rekha Gupta says, "I was thinking, Didi is in Bengal, and Bhaiya was in Delhi. Do you remember? Bhaiya has been chased away. Whose turn is it now? Both were alike... They want their name on everything... It is the public's money; it should… pic.twitter.com/Oodb7qQTzW
— ANI (@ANI) February 23, 2026
सीएम रेखा गुप्ता ने बंगाल में विकास कार्यों को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार द्वारा राज्य को विकास के लिए भेजे गए लाखों करोड़ रुपये का लाभ आम जनता तक नहीं पहुंच पाया। उन्होंने कहा कि यह जनता का पैसा है और इसका इस्तेमाल जनता की भलाई के लिए होना चाहिए। "अगर पैसा गरी तक नहीं पहुंच रहा, तो आखिर वह जा कहां रहा है?" उन्होंने सवाल किया।
उन्होंने महिला सुरक्षा के मुद्दे को भी प्रमुखता से उठाया। रेखा गुप्ता ने कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि जिस राज्य में महिला मुख्यमंत्री हो, वहां बेटियां खुद को सुरक्षित महसूस नहीं करतीं। उन्होंने दावा किया कि बंगाल में महिलाओं की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंताएं हैं और राज्य सरकार इस पर प्रभावी कदम उठाने में असफल रही है।
रेखा गुप्ता ने घुसपैठ के मुद्दे पर भी ममता सरकार को घेरा। उन्होंने आरोप लगाया कि तृणमूल कांग्रेस सरकार की "तुष्टिकरण की नीतियों के कारण राज्य में बड़ी संख्या में अवैध घुसपैठ हुई है। उनका कहना था कि इससे पानी, बिजली, राशन, शिक्षा और रोजगार जैसे बुनियादी संसाधनों पर दबाव बढ़ा है और असली नागरिकों के अधिकार प्रभावित हो रहे हैं।
उन्होंने यह भी दावा किया कि राज्य सरकार ने घुसपैठियों की पहचान के लिए की जाने वाली SIR (Special Intensive Revision) प्रक्रिया को रोकने के लिए सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। रेखा गुप्ता ने कहा कि इस तरह की कार्रवाई से स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव प्रक्रिया पर सवाल खड़े होते हैं।
कार्यक्रम में मौजूद भाजपा कार्यकर्ताओं ने उनके भाषण का जोरदार समर्थन किया। पार्टी नेताओं का कहना है कि बंगाल में बदलाव की लहर चल रही है और आगामी चुनावों में इसका असर दिखेगा। वहीं तृणमूल कांग्रेस की ओर से इन आरोपों पर अभी तक औपचारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है, लेकिन पार्टी के सूत्रों का कहना है कि भाजपा केवल राजनीतिक लाभ के लिए ऐसे बयान दे रही है।
इस बयान के बाद बंगाल की राजनीति में आरोप-प्रत्यारोप का दौर और तेज होने की संभावना है। आने वाले दिनों में यह देखना दिलचस्प होगा कि इस सियासी बयानबाजी का चुनावी समीकरणों पर क्या असर पड़ता है
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