Last Updated Jun - 14 - 2025, 10:32 AM | Source : Fela News
विमान हादसे के बाद शहर में निधन और दुख के बीच हौंसले की मिसाल बने संदेश
अहमदाबाद के कई हिस्सों में मंगलवार से एक खास तरह के पोस्टर नजर आने लगे, जिन पर लिखा है: “हौंसला रखना अहमदाबाद... ये शहर उतना ही टूटा है जितना वो विमान।” यह संदेश सीधा दिल से निकलकर लोगों को यह याद दिला रहा है कि भले ही हादसे ने शहर को झकझोर कर रख दिया हो, लेकिन शहर की ताकत अभी कायम है
ये पोस्टर ‘कौशिक आउटडोर’ द्वारा लगाए गए—शहर के सार्वजनिक जगहों जैसे ब्रिज, सड़कों और बाजारों में कुल 25 जगहों पर लगाए गए थे। इनका मकसद प्रभावित लोगों को मानसिक सहारा देना और सामूहिक दर्द को साझा कर राहत प्रदान करना बताया जा रहा है ।
जीवन-मृत्यु की तबाही के बीच यह संदेश एक तरह की आत्मशक्ति का प्रतीक बन गया है। अहमदाबाद के लोग अब मीडिया रिपोर्टों से पढ़ी गई जानकारी के बजाय अपने शहर की दीवारों को देख कर आत्मबल महसूस कर रहे हैं। पोस्टरों का उद्देश्य शहरवासियों को बताना है कि वे इस समय तक टूटे नहीं हैं, बस थोड़ी धक्के खाए हैं, और साथ मिलकर फिर खड़े हो सकते हैं।
इस कदम से यह भी स्पष्ट होता है कि स्थानीय व्यवसाय और नागरिक संगठनों की संवेदनशीलता सिर्फ आर्थिक या प्रचार के दायरे में नहीं, बल्कि सामाजिक-सांस्कृतिक स्तर पर भी सशक्त है। ऐसे समय में प्रेरक संदेश एक सकारात्मक ऊर्जा की तरह काम कर रहा है।
यह संदेश बताता है कि त्रासदी जितनी भी बड़ी हो, जब समुदाय साथ खड़ा हो, तो उम्मीद की किरण फिर से जगमगा उठती है—और यही वाक्यांश इस समय अहमदाबाद की पहचान बन चुका है।