Last Updated Jan - 06 - 2026, 04:57 PM | Source : Fela News
ढाबे में खाना खाने गई कॉलेज छात्रा से परिचित युवक ने दोस्तों संग दुष्कर्म किया। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
मध्य प्रदेश से मानवता को झकझोर देने वाली एक वारदात सामने आई है, जहां एक कॉलेज छात्रा के साथ ढाबे के कमरे में सामूहिक दुष्कर्म किया गया। पीड़िता एक ढाबे पर खाना खाने गई थी, लेकिन वहां उसकी मुलाकात एक परिचित युवक से हुई, जिसने भरोसे का फायदा उठाकर उसे अपने साथियों के हवाले कर दिया। इस मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि तीसरे की तलाश जारी है।
जानकारी के अनुसार, पीड़िता Shahdol district की रहने वाली है और फिलहाल Makronia क्षेत्र में किराए का कमरा लेकर प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रही थी। घटना 2 जनवरी की बताई जा रही है। उस दिन वह बहेरिया थाना क्षेत्र के अंतर्गत हाईवे पर स्थित एक ढाबे पर खाना खाने गई थी।
ढाबे पर उसकी मुलाकात अंकुर सोनी नाम के युवक से हुई, जिसे वह पहले से जानती थी। आरोप है कि अंकुर ने उससे बातचीत शुरू की और बातों में उलझाकर ढाबे के एक कमरे में ले गया। पीड़िता को यह अंदेशा नहीं था कि कमरे में पहले से दो अन्य युवक मौजूद हैं। आरोप है कि तीनों ने मिलकर युवती के साथ जबरन दुष्कर्म किया और घटना को अंजाम देने के बाद मौके से फरार हो गए।
घटना के बाद पीड़िता किसी तरह वहां से निकलकर सुरक्षित स्थान पर पहुंची और पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने युवती का बयान दर्ज कर तत्काल जांच शुरू की। मेडिकल जांच के बाद दुष्कर्म की पुष्टि हुई, जिसके आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज किया।
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, जांच के दौरान तकनीकी साक्ष्यों और स्थानीय जानकारी के आधार पर दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है। पूछताछ में उन्होंने वारदात में शामिल होने की बात स्वीकार की है। तीसरे आरोपी की गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दी जा रही है।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि पीड़िता को पूरी कानूनी और चिकित्सकीय सहायता उपलब्ध कराई जा रही है। साथ ही, आरोपियों के खिलाफ कड़ी धाराओं में मामला दर्ज कर उन्हें न्यायिक हिरासत में भेजा जा रहा है।
इस घटना के बाद इलाके में आक्रोश का माहौल है। स्थानीय लोगों और सामाजिक संगठनों ने ढाबों और सार्वजनिक स्थलों पर सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की मांग की है। यह मामला एक बार फिर यह सवाल खड़ा करता है कि महिलाओं की सुरक्षा को लेकर समाज और व्यवस्था दोनों को और गंभीर होने की जरूरत है।