Last Updated Sep - 26 - 2025, 02:40 PM | Source : Fela News
बिहार में धर्म और जाति का पूरा विवरण सामने आया है। यहां हिन्दू, मुस्लिम, अन्य धर्मों और विभिन्न जातियों का वितरण, जनसंख्या प्रतिशत और सामाजिक संरचना की जानकारी
बिहार विधानसभा चुनाव 2025 से पहले राज्य की धर्म और जाति आधारित जनसंख्या पर नजर डालना जरूरी है। आंकड़ों के मुताबिक, बिहार में हिंदू और मुस्लिम आबादी के बीच संतुलन कुछ इस प्रकार है: हिंदू लगभग 82% और मुस्लिम करीब 17% हैं।
जातियों के आधार पर देखें तो ओबीसी (अन्य पिछड़ा वर्ग) सबसे बड़ी श्रेणी है, जिसके बाद ईबीसी (अति पिछड़ा वर्ग) और दलित आबादी आती है। दलितों की संख्या लगभग 16% है, जबकि ओबीसी और ईबीसी मिलाकर कुल आबादी का करीब 50% हिस्सा बनाते हैं।
विशेषज्ञ मानते हैं कि चुनावी रणनीतियों में यह आंकड़ा महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। पार्टियां जाति और धर्म के आधार पर वोट बैंक को समझकर उम्मीदवार तय करती हैं और अपने प्रचार अभियान चलाती हैं।
राज्य में सामाजिक और आर्थिक विकास की योजना बनाते समय भी यह डेटा अहम माना जाता है, क्योंकि विभिन्न वर्गों की जरूरतों और मुद्दों को ध्यान में रखना जरूरी होता है। ऐसे में बिहार का यह सांख्यिकीय चित्र राजनीतिक और सामाजिक दोनों ही दृष्टिकोण से अहम है।