Last Updated Aug - 20 - 2025, 03:57 PM | Source : Fela News
वाराणसी में देश की पहली पोर्टेबल सोलर पैनल प्रणाली रेलवे ट्रैक के बीच शुरू की गई। यह पहल ऊर्जा बचत और हरित तकनीक को बढ़ावा देने में अहम साबित होगी।
भारतीय रेल अपने नेट-ज़ीरो उत्सर्जन लक्ष्य की ओर तेजी से कदम बढ़ा रही है और इसी कड़ी में सौर ऊर्जा का बड़े पैमाने पर उपयोग किया जा रहा है। उत्तर प्रदेश का वाराणसी अब देश का पहला शहर बन गया है, जहां रेलवे ट्रैक के बीच पोर्टेबल सोलर पैनल लगाए गए हैं।
बनारस लोकोमोटिव वर्क्स (BLW), वाराणसी ने देश की पहली हटाई जा सकने वाली सोलर पैनल प्रणाली शुरू की है। यह 70 मीटर लंबा पैनल सिस्टम है जिसमें 28 पैनल लगाए गए हैं, जिनकी क्षमता 15 KWp है। इस पायलट प्रोजेक्ट को BLW के वर्कशॉप लाइन नंबर 19 में शुरू किया गया है। खास बात यह है कि पैनल इस तरह डिजाइन किए गए हैं कि इन्हें आसानी से हटाया और दोबारा लगाया जा सकता है, जिससे मरम्मत और मौसमी जरूरतों के अनुसार बदलाव करना संभव है।
रेल मंत्रालय ने बताया कि भारतीय रेल के पास 1.2 लाख किलोमीटर लंबा ट्रैक नेटवर्क है। अगर यार्ड लाइनों के बीच ऐसे पैनल लगाए जाते हैं, तो किसी तरह की भूमि अधिग्रहण की जरूरत नहीं होगी और बड़े पैमाने पर सौर ऊर्जा उत्पादन संभव होगा। इस योजना के तहत एक किलोमीटर ट्रैक से सालाना 3.50 लाख यूनिट बिजली पैदा की जा सकती है।
यह कदम भारतीय रेल को हरित और सतत परिवहन की दिशा में आगे बढ़ाने वाला साबित होगा और ऊर्जा आत्मनिर्भरता की ओर एक महत्वपूर्ण पहल मानी जा रही है।