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भारत के शहरों में अपराध की तस्वीर: कौन सुरक्षित और कौन खतरे में?

भारत के शहरों में अपराध की तस्वीर: कौन सुरक्षित और कौन खतरे में?

Last Updated Mar - 15 - 2025, 12:25 PM | Source : Fela News

भारत के शहरों में अपराध की स्थिति अलग-अलग है। कुछ शहर सुरक्षित माने जाते हैं, जबकि कुछ में अपराध का खतरा ज्यादा है। जानिए, किन शहरों में सुरक्षा बेहतर है और कहा
भारत के शहरों में अपराध की तस्वीर
भारत के शहरों में अपराध की तस्वीर

भारत में अपराध दर को लेकर जो आंकड़े सामने आए हैं, वो चौंकाने वाले हैं। कुछ शहर जहां सुरक्षित माने जाते हैं, वहीं कुछ जगहें लगातार बढ़ते अपराध के साए में जी रही हैं। हत्या, चोरी, बलात्कार, अपहरण जैसे अपराधों ने कई शहरों को खतरे की सूची में डाल दिया है। वहीं, कुछ शहरों ने कम अपराध दर के चलते 'सुरक्षित शहरों' की पहचान बनाई है। आइए जानते हैं देश के बड़े शहरों की सुरक्षा और खतरे की पूरी तस्वीर।

कहां कितना है अपराध का ग्राफ?

1. हत्या और हत्या की कोशिश:

दिल्ली: हत्या दर 3.1, हत्या की कोशिश 4.8

पुणे: हत्या दर 2.1, हत्या की कोशिश 6.8

बेंगलुरु: हत्या दर 2.0, हत्या की कोशिश 4.6

मुंबई: हत्या दर 0.7, हत्या की कोशिश -1.3 (घटती दर)

 

2. बलात्कार और छेड़छाड़:

बेंगलुरु: छेड़छाड़ दर 12.0 (उच्चतम)

दिल्ली: छेड़छाड़ दर 10.1, बलात्कार दर 4.3

मुंबई: बलात्कार दर 4.3, छेड़छाड़ दर 9.6

हैदराबाद: छेड़छाड़ दर 3.9, बलात्कार दर 2.8
 

3. चोरी और डकैती:

दिल्ली: चोरी दर 12,599 (सबसे ज्यादा)

मुंबई: चोरी दर 971

बेंगलुरु: चोरी दर 891

कोलकाता: चोरी दर 8.5 (सबसे कम)

 

4. अपहरण और डकैती:

दिल्ली: अपहरण दर 34.2 (सबसे ज्यादा)

पुणे: अपहरण दर 13.7

हैदराबाद: अपहरण दर 7.9

चेन्नई: अपहरण दर 0.4 (सबसे कम)


कौन सा शहर है सबसे सुरक्षित और कौन सबसे असुरक्षित?

आंकड़ों के अनुसार दिल्ली में अपराध की दर सबसे ज्यादा है, खासकर चोरी, अपहरण और छेड़छाड़ के मामलों में। वहीं कोलकाता, चेन्नई जैसे शहरों में अपराध की दर काफी कम है। पुणे, बेंगलुरु, मुंबई जैसे शहरों में भी अपराध के कई मामलों में बढ़ोतरी देखी गई है।

क्या है बढ़ते अपराध का कारण?

विशेषज्ञों का मानना है कि बढ़ती आबादी, कानून व्यवस्था की ढील और शहरीकरण के साथ बढ़ते तनाव अपराधों को बढ़ावा दे रहे हैं। इसके अलावा, बेरोजगारी और सामाजिक असमानता भी इसका बड़ा कारण है।

आगे का रास्ता:

इन आंकड़ों से यह साफ है कि बड़े शहरों में कानून व्यवस्था को सख्त करने की जरूरत है। सुरक्षा उपायों को बेहतर बनाकर ही इन अपराधों पर रोक लगाई जा सकती है। साथ ही, नागरिकों को भी सतर्क और जागरूक रहने की जरूरत है।

भारत के विभिन्न शहरों में अपराध की यह स्थिति सोचने पर मजबूर करती है। कानून व्यवस्था और सुरक्षा को लेकर सरकार को सख्त कदम उठाने की जरूरत है ताकि देश के नागरिक सुरक्षित और निडर होकर जी सकें।

 

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