Fela News Lifestyle Header Banner

धर्मेंद्र का तीखा सियासी बयान: संसद छलांग धमकी ने मचाया हड़कंप

धर्मेंद्र का तीखा सियासी बयान: संसद छलांग धमकी ने मचाया हड़कंप

Last Updated Nov - 24 - 2025, 03:25 PM | Source : Fela News

Dharmendra Death News: लोकसभा पहुंचने के बाद हालात बदल गए. धर्मेंद्र पर ये आरोप लगे कि वह बीकानेर में लोगों से कम मिलते थे और संसद में उनकी मौजूदगी भी बहुत कम र
धर्मेंद्र का तीखा सियासी बयान: संसद छलांग धमकी ने मचाया हड़कंप
धर्मेंद्र का तीखा सियासी बयान: संसद छलांग धमकी ने मचाया हड़कंप

बॉलीवुड के दिग्गज अभिनेता धर्मेंद्र देओल के निधन की खबर सामने आई है। आईएएनएस की रिपोर्ट के मुताबिक, उन्होंने 89 साल की उम्र में आखिरी सांस ली। कुछ दिनों से उनकी तबीयत खराब थी। हाल ही में वह मुंबई के ब्रीच कैंडी अस्पताल में भर्ती थे और 12 नवंबर को छुट्टी मिली थी। लेकिन 24 नवंबर 2025 को उनका निधन हो गया।

धर्मेंद्र के जीवन में कई दिलचस्प किस्से हैं, जिनमें से एक उनके राजनीतिक करियर से जुड़ा है। 2004 के लोकसभा चुनाव में एक समय ऐसा आया जब धर्मेंद्र ने चुनाव प्रचार के दौरान जोश में कहा था—

"अगर सरकार मेरी बात नहीं मानेगी तो मैं संसद की छत से छलांग लगा दूंगा!"

उनका यह फिल्मी अंदाज़ वाला बयान खूब चर्चा में रहा, लेकिन राजनीति में उन्हें ऐसा प्रभाव नहीं मिल सका। शानदार जीत के बाद भी कुछ सालों में वे राजनीति से निराश होकर दूर हो गए।

राजनीति में कैसे आए धर्मेंद्र?

2004 में बीजेपी के "शाइनिंग इंडिया" कैंपेन से प्रभावित होकर धर्मेंद्र ने राजनीति में कदम रखा। शत्रुघ्न सिन्हा के साथ वे लालकृष्ण आडवाणी से मिले और यहीं से उनकी पॉलिटिकल जर्नी शुरू हुई। बीजेपी ने उन्हें राजस्थान के बीकानेर सीट से टिकट दिया और धर्मेंद्र ने कांग्रेस उम्मीदवार रमेश्वर लाल डूडी को 60 हजार वोटों से हराया।

चुनाव प्रचार में दिखा शोले वाला जोश

प्रचार के दौरान धर्मेंद्र पूरी तरह फिल्मी अंदाज़ में नजर आए। उनका "छत से छलांग" वाला बयान पूरे देश में सुर्खियों में रहा और समर्थकों में जबरदस्त उत्साह दिखा।

जीत के बाद आलोचना

संसद पहुँचने के बाद धीरे-धीरे स्थिति बदल गई। धर्मेंद्र पर आरोप लगे कि वह बीकानेर में लोगों से मिलने कम जाते थे, संसद में उपस्थिति भी बहुत कम थी, और वे ज़्यादातर समय फिल्मों की शूटिंग या अपने फार्महाउस में बिताते थे। कुछ लोग कहते थे कि वह सामने न आए हों, लेकिन काम करवाते थे—फिर भी उनकी छवि एक कम सक्रिय सांसद की बन गई।

राजनीति से दूरी

 2009 में कार्यकाल खत्म होते ही धर्मेंद्र ने राजनीति छोड़ दी। बाद में उन्होंने माना कि राजनीति उनके लिए सही जगह नहीं थी। उनका कहना था—

"काम मैं करता था, क्रेडिट कोई और ले जाता था… शायद यह दुनिया मेरे लिए नहीं थी।"

उनके बेटे सनी देओल ने भी कहा कि राजनीति धर्मेंद्र को पसंद नहीं आई और उन्हें चुनाव लड़ने का पछतावा रहा।

Share :

Trending this week

असम जोरहाट विमान हादसा

Jun - 13 - 2026

असम के जोरहाट में शनिवार को भारतीय वायुसेना (IAF) का AN-32 ट्रा... Read More

पंजाब में CM उम्मीदवार पर सस्पेंस खत्म

Jun - 13 - 2026

पंजाब की राजनीति में चुनावी हलचल तेज हो गई है। आम आदमी पा... Read More

कॉकरोच जनता पार्टी के प्रदर्शन में पहुंची टीचर सस्पेंड

Jun - 13 - 2026

कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रदर्शन में शामिल होने के बाद ... Read More