Last Updated Dec - 09 - 2025, 04:11 PM | Source : Fela News
दिल्ली हमले से पहले कश्मीर में IED टेस्टिंग! NIA ने आतंकी साजिश का बड़ा खुलासा किया”
NIA की जांच में एक ऐसा खुलासा सामने आया जिसने पूरे घटनाक्रम को नया मोड़ दे दिया. पता चला है कि आतंकी दिल्ली पहुंचने से पहले कश्मीर में ही विस्फोटकों की टेस्टिंग कर चुके थे।
लाल किला ब्लास्ट केस की जांच तेज़ी से आगे बढ़ रही है और इसी बीच NIA ने अनंतनाग से दो आतंकियों को गिरफ्तार किया. इनकी गिरफ्तारी के बाद एजेंसी को कई अहम सुराग मिले हैं. जांच में सामने आया कि दोनों आरोपी दिल्ली में बड़ी वारदात को अंजाम देने से पहले कश्मीर में ही जंगलों के अंदर विस्फोटकों की ट्रायल टेस्टिंग कर रहे थे. यह टेस्टिंग कई दिनों तक चली, ताकि आतंकी सुनिश्चित कर सकें कि उनके बनाए हुए IED सही तरीके से काम करेंगे।
NIA के अधिकारियों के अनुसार, आतंकी समूह ने अनंतनाग में एक गुप्त स्थान चुनकर छोटे पैमाने पर धमाके किए. इसका उद्देश्य था यह समझना कि IED की क्षमता कितनी है, कितना नुकसान हो सकता है और उसे कैसे छिपाया जाए. यही विस्फोटक बाद में दिल्ली लाने की तैयारी थी. एजेंसी को जंगल वाले इलाके से जले हुए तार, विस्फोटक अवशेष और ट्रिगर उपकरण के टुकड़े मिले हैं, जो टेस्टिंग की पुष्टि करते हैं।
जांच में यह भी सामने आया कि गिरफ्तार आतंकियों का सीधा संपर्क पाकिस्तान में बैठे हैंडलरों से था. उन्हें हर कदम पर ऑनलाइन निर्देश दिए जा रहे थे—कौन सा केमिकल कितनी मात्रा में मिलाना है, ट्रिगर कैसे सेट करना है और IED को कैसे सक्रिय करना है. ये सब तैयारियां लाल किला ब्लास्ट को बड़े पैमाने पर अंजाम देने की साजिश का हिस्सा थीं।
NIA अब यह पता लगाने में जुटी है कि दिल्ली में उनके टारगेट क्या थे और इस नेटवर्क में और कौन शामिल है. एजेंसी को आशंका है कि स्थानीय स्तर पर कुछ लोग इन्हें लॉजिस्टिक मदद दे रहे थे. जांच का दायरा बढ़ाया गया है और कई जगहों पर तलाशी भी हो रही है।
हालांकि गिरफ्तारियां बड़ी सफलता मानी जा रही हैं, लेकिन इस खुलासे ने सुरक्षा एजेंसियों को सतर्क कर दिया है. यह साफ है कि आतंकी कश्मीर में बैठकर दिल्ली जैसे हाई-वैल्यू टारगेट पर हमला करने की तैयारी कर रहे थे. फिलहाल NIA आगे की कड़ियां जोड़ रही है, ताकि इस पूरी साजिश का नेटवर्क पूरी तरह उजागर किया जा सके।