Last Updated Dec - 10 - 2025, 03:36 PM | Source : Fela News
दिल्ली हाईकोर्ट ने इंडिगो संकट पर केंद्र सरकार को कड़ी फटकार लगाई। कोर्ट ने पूछा कि जब हालात बिगड़ रहे थे, तब मंत्रालय क्या कर रहा था। इस टिप्पणी के बाद पूरा मा
इंडिगो में लगातार उड़ानें रद्द होने और संचालन बाधित होने के बाद हज़ारों यात्रियों को मुश्किलों का सामना करना पड़ा। भीड़भाड़ वाले एयरपोर्ट, देरी से चल रही उड़ानें और बदहाल मैनेजमेंट को लेकर लोगों का गुस्सा लगातार बढ़ रहा था। मामले ने तब तूल पकड़ा जब नवंबर में बड़े पैमाने पर कैंसिलेशन के बाद दिसंबर में भी कंपनी हालात संभाल नहीं पा रही थी। यात्रियों की शिकायतों का ढेर लग गया, सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल हुए और सवाल यही उठा कि इंडिगो जैसी बड़ी एयरलाइन इतनी अव्यवस्था में कैसे घिर गई।
हाईकोर्ट ने सुनवाई में सरकार को सीधे-सीधे कठघरे में खड़ा किया। कोर्ट ने कहा कि “जब हालात खराब हो रहे थे, तब आप लोग क्या कर रहे थे? आपने स्थिति को बिगड़ने क्यों दिया?” कोर्ट की यह टिप्पणी इस बात की ओर इशारा करती है कि संकट को संभालने में देरी हुई, जिसके चलते पूरा ऑपरेशन ठप जैसा हो गया और पाब्लिक को भारी नुकसान झेलना पड़ा।
डीजीसीए पहले ही इंडिगो से विस्तृत जवाब मांग चुका है, लेकिन अब अदालत की फटकार के बाद जांच और सख्त होने की उम्मीद है। यह भी संभावना है कि एयरलाइन को ऑपरेशनल सुधारों के लिए नए नियमों का सामना करना पड़े। फिलहाल कंपनी दावा कर रही है कि उड़ानों को बहाल करने की प्रक्रिया तेज़ कर दी गई है और जल्द ही सर्विस सामान्य हो जाएगी।
लेकिन एक बड़ा सवाल अब भी वहीं खड़ा है, अगर शुरुआती संकेतों पर ही कार्रवाई की जाती, तो क्या यह संकट इतना बड़ा बन पाता? यात्रियों का भरोसा टूटना किसी भी एयरलाइन के लिए सबसे खतरनाक बात होती है, और इंडिगो के इस हालिया संकट ने ये साफ कर दिया कि निगरानी में थोड़ी सी ढील भी देश की सबसे व्यस्त एयरलाइनों में अफरातफरी ला सकती है।
फिलहाल सभी की नज़रें मंत्रालय और नियामक एजेंसियों पर हैं, क्योंकि कोर्ट की टिप्पणी के बाद अब उनसे ठोस कदम की अपेक्षा और बढ़ गई है।