Last Updated Sep - 19 - 2025, 04:34 PM | Source : Fela News
अमेरिका के चाबहार पोर्ट फैसले से भारत की कनेक्टिविटी रणनीति प्रभावित, चीन-पाकिस्तान को बढ़त और क्षेत्रीय भू-राजनीतिक चुनौतियां गहरी।
अमेरिका के ट्रंप प्रशासन ने ईरान के चाबहार पोर्ट को लेकर बड़ा फैसला लिया है, जिसका सीधा असर भारत पर पड़ सकता है। अब तक यह पोर्ट भारत के लिए रणनीतिक तौर पर बेहद अहम माना जाता रहा है, क्योंकि इसके जरिए अफगानिस्तान और मध्य एशिया तक आसानी से पहुंच बनाई जा सकती है।
विशेषज्ञों का कहना है कि इस फैसले से भारत की कनेक्टिविटी योजनाओं को झटका लगेगा। व्यापार और ट्रांजिट रूट्स पर असर पड़ेगा और क्षेत्र में चीन-पाकिस्तान की पकड़ मजबूत हो सकती है। खासतौर पर चीन के बेल्ट एंड रोड इनिशिएटिव के मुकाबले भारत की रणनीति को नुकसान होगा।
भारत लंबे समय से चाबहार पोर्ट को एक वैकल्पिक मार्ग के रूप में देख रहा था ताकि पाकिस्तान पर निर्भरता खत्म की जा सके। लेकिन अमेरिका का यह कदम न केवल भारत की आर्थिक योजनाओं बल्कि उसकी भू-राजनीतिक स्थिति को भी चुनौती देगा।
अब सवाल यह है कि भारत इस स्थिति से निपटने के लिए क्या नई रणनीति अपनाएगा।