Last Updated Jan - 07 - 2026, 03:12 PM | Source : Fela News
पांचवीं पीढ़ी के लड़ाकू विमान पर भारत का काम अब निर्णायक मोड़ पर है और इसका सीधा असर क्षेत्रीय ताकत के संतुलन पर पड़ेगा
भारत अब अपना स्वदेशी 5th जेनरेशन फाइटर जेट विकसित करने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। इस प्रोजेक्ट को एडवांस्ड मीडियम कॉम्बैट एयरक्राफ्ट यानी AMCA कहा जा रहा है। यह लड़ाकू विमान स्टेल्थ तकनीक, सुपरक्रूज़ क्षमता और अत्याधुनिक हथियार प्रणालियों से लैस होगा। इसके जरिए भारत उन चुनिंदा देशों की श्रेणी में शामिल होने की तैयारी में है, जिनके पास पांचवीं पीढ़ी का फाइटर जेट मौजूद है।
रक्षा विशेषज्ञों के मुताबिक, यह फाइटर जेट पाकिस्तान और चीन दोनों के लिए बड़ी चुनौती साबित हो सकता है। चीन के पास पहले से J-20 स्टेल्थ फाइटर है, जबकि पाकिस्तान तुर्की और चीन की मदद से आधुनिक लड़ाकू विमानों पर काम कर रहा है। ऐसे में भारत का यह कदम वायुसेना की ताकत को कई गुना बढ़ा देगा और क्षेत्र में रणनीतिक बढ़त दिलाएगा।
AMCA में स्टेल्थ डिजाइन होगा, जिससे यह दुश्मन के रडार में आसानी से पकड़ में नहीं आएगा। इसके अलावा इसमें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित सिस्टम, आधुनिक सेंसर, लंबी दूरी तक मार करने वाली मिसाइलें और नेटवर्क-सेंट्रिक वारफेयर की क्षमता होगी। यह विमान दुश्मन के इलाके में गहराई तक जाकर हमला करने में सक्षम होगा।
अगर यह परियोजना तय समय पर पूरी होती है, तो भारत अमेरिका और रूस जैसे देशों की उस कैटेगरी में आ जाएगा, जहां पांचवीं पीढ़ी के फाइटर जेट पहले से मौजूद हैं। अमेरिका के पास F-22 और F-35 हैं, जबकि रूस के पास Su-57 है। भारत का AMCA इन विमानों के बराबर या कुछ मामलों में उनसे बेहतर क्षमता रखने के लक्ष्य के साथ डिजाइन किया जा रहा है।
सरकार और रक्षा मंत्रालय का मानना है कि स्वदेशी फाइटर जेट से न केवल सुरक्षा मजबूत होगी, बल्कि भारत की रक्षा तकनीक और आत्मनिर्भरता को भी नई पहचान मिलेगी। आने वाले वर्षों में यह प्रोजेक्ट भारत की सैन्य ताकत का अहम स्तंभ बन सकता है।