Last Updated Dec - 12 - 2025, 03:20 PM | Source : Fela News
दिल्ली के वजीरपुर में पुलिस ने ऐसे नोट बरामद किए हैं जो 9 साल पहले ही बैन हो चुके थे। 500 और 1000 के इन पुराने नोटों से जुड़ा फर्जीवाड़ा सामने आते ही पूरा मामला
डिमोनेटाइजेशन के बाद से ही ऐसे नोटों का चलन बंद हो चुका था, लेकिन पुलिस को मिली सूचना पर जब छापेमारी हुई, तो करीब साढ़े 3 करोड़ रुपये के पुराने नोट पैकेटों में बंद मिले। टीम ने कई लोगों को हिरासत में लिया है और शुरुआती जांच में पता चला है कि यह गिरोह लंबे समय से बंद नोटों की अवैध खरीद-फरोख्त में लगा था। उनका मकसद इन नोटों को भारी कमीशन पर बदलने या किसी अवैध लेन-देन में इस्तेमाल करने का था।
पुलिस के अनुसार, यह नेटवर्क पुराने नोटों को कम दाम पर खरीदकर आगे उन लोगों तक पहुंचाता था जिन्हें नकदी की जरूरत होती है या जो इन्हें गलत कामों में इस्तेमाल कर सकें। नोटों को बैंकिंग सिस्टम में घुसाना अब संभव नहीं था, इसलिए यह पूरा रैकेट ब्लैक मार्केट में ही सक्रिय था। जांच में कुछ ऐसे दस्तावेज भी मिले हैं जिनसे इशारा मिलता है कि इस काम में फर्जी पहचान और फर्जी खातों का भी इस्तेमाल होता था।
दिलचस्प बात यह है कि इतने साल बाद भी 500 और 1000 के नोटों के जरिए फर्जीवाड़ा चल रहा था। विशेषज्ञों का मानना है कि पुराने नोट आज भी कुछ क्षेत्रों में गैरकानूनी लेन-देन का हिस्सा बनते हैं क्योंकि कई लोग इन्हें बेहद कम कीमत पर खरीदकर किसी न किसी तरीके से फायदा उठाने की कोशिश करते हैं।
पुलिस अब इस नेटवर्क के सप्लायर, खरीदार और उससे जुड़े बड़े लोगों की तलाश कर रही है। बरामद नोटों की जांच के बाद पता चलेगा कि इनका इस्तेमाल किस स्तर तक हो रहा था और कितनी रकम पहले ही बाजार में खपाई जा चुकी है।
यह मामला साफ दिखाता है कि नोटबंदी के सालों बाद भी पुराने नोटों की परछाई अवैध कारोबारों में अब तक मौजूद है। जांच आगे बढ़ने पर और बड़े खुलासे होने की उम्मीद है।