Last Updated Dec - 19 - 2025, 03:27 PM | Source : Fela News
ऑपरेशन सिंदूर के बाद देश की सुरक्षा और तकनीकी ताकत को देखते हुए सरकार रक्षा बजट में खास बढ़ोतरी करने की तैयारी कर रही है। यह कदम ड्रोन, एयर डिफेंस सिस्टम और हमल
भारत ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के दौरान आतंकवाद के खिलाफ कार्रवाई करते हुए अपने एयर डिफेंस और सटीक हथियारों की क्षमता दिखायी थी, जिसके चलते इसे सैन्य विशेषज्ञों और सरकार के लिए एक बड़ा सबक माना जा रहा है।
सरकार सूत्रों का कहना है कि रक्षा बजट में लगभग 50,000 करोड़ रुपये तक की अतिरिक्त राशि शामिल की जा सकती है। इस अतिरिक्त फंड का इस्तेमाल नए हथियारों, ड्रोन, गोला-बारूद, तकनीकी अनुसंधान और सेनाओं की आधुनिक जरूरतों को पूरा करने में किया जाएगा। रक्षा मंत्री और वित्त मंत्रालय इसके लिए संसद के सत्र में मंज़ूरी लेने की तैयारी में हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि ऑपरेशन सिंदूर ने यह दिखाया कि आधुनिक युद्ध तकनीक, खासकर ड्रोन्स और एयर डिफेंस सिस्टम अब निर्णायक भूमिका निभाते हैं। इसी कारण सेना के लिए एडवांस रडार और ड्रोन डिटेक्शन सिस्टम जैसे उपकरणों की मांग बढ़ गयी है, ताकि भविष्य में दुश्मन की नई तकनीकों से बेहतर मुकाबला हो सके।
भारत ने हाल ही में कई स्वदेशी हथियार प्रणालियों का भी परीक्षण और इस्तेमाल किया है, जिससे रक्षा उद्योग को भी मजबूती मिली है। ऑपरेशन के अनुभव से यह समझ आया है कि अधिक आत्मनिर्भर तकनीक और हथियार विकसित करना कितना ज़रूरी है, ताकि विदेशों पर निर्भरता कम हो और युद्ध की तैयारियाँ और अधिक मजबूत हों।
सरकारी और सैन्य विशेषज्ञ यह भी मानते हैं कि अगर सीमा पर तनाव बढ़े तो सेना को तुरन्त फैसले लेने के लिये बेहतर तकनीक और हथियार उपलब्ध होना चाहिए। इसी को देखते हुए बजट में अतिरिक्त वृद्धि और नई रणनीतिक खरीद पर जोर देने की तैयारी चल रही है।
इस बजट बढ़ोतरी से भारत की सुरक्षा क्षमता और आधुनिक हथियार प्रणाली दोनों को बढ़ावा मिलेगा, जिससे देश की सामरिक मजबूती और आत्मनिर्भरता को भी बल मिलेगा।