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भारत की इकलौती नदी जो पांच राज्यों से बहती, जानिए पूरी कहानी

भारत की इकलौती नदी जो पांच राज्यों से बहती, जानिए पूरी कहानी

Last Updated Feb - 19 - 2026, 12:34 PM | Source : Fela News

भारत की सबसे महत्वपूर्ण और अनोखी नदी गंगा पांच राज्यों से होकर गुजरती है. जानिए इसका उद्गम, मार्ग, धार्मिक महत्व और क्यों इसे देश की जीवनरेखा कहा जाता है.
भारत की इकलौती नदी जो पांच राज्यों से बहती
भारत की इकलौती नदी जो पांच राज्यों से बहती

भारत को नदियों का देश कहा जाता है, जहां सैकड़ों नदियां सदियों से सभ्यता, संस्कृति और जीवन का आधार रही हैं. इन नदियों में गंगा नदी का स्थान सबसे महत्वपूर्ण माना जाता है. यह केवल एक नदी नहीं, बल्कि करोड़ों लोगों की आस्था, आजीविका और अस्तित्व से जुड़ी जीवनरेखा है. खास बात यह है कि गंगा भारत की इकलौती ऐसी प्रमुख नदी है, जो पांच राज्यों से होकर बहती है और अपने साथ इतिहास, संस्कृति और समृद्धि को आगे बढ़ाती है. 

गंगा नदी का उद्गम उत्तराखंड के गंगोत्री ग्लेशियर से होता है, जहां इसे भागीरथी के नाम से जाना जाता है. देवप्रयाग में भागीरथी और अलकनंदा नदी के संगम के बाद इसका नाम गंगा पड़ता है. यहां से यह नदी लगभग 2,525 किलोमीटर की 

लंबी यात्रा तय करते हुए उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड और पश्चिम बंगाल से होकर गुजरती है. इसके बाद यह बांग्लादेश में प्रवेश कर पद्मा नदी के नाम से जानी जाती है और अंत में बंगाल की खाड़ी में मिल जाती है. 

उत्तराखंड से निकलने के बाद गंगा उत्तर प्रदेश में हरिद्वार, प्रयागराज और वाराणसी जैसे धार्मिक शहरों से होकर बहती है. इन शहरों में गंगा का धार्मिक महत्व अत्यंत गहरा है और हर साल लाखों श्रद्धालु यहां स्नान करने आते हैं. 

इसके बाद यह नदी बिहार में प्रवेश करती है, जहां पटना और भागलपुर जैसे प्रमुख शहर इसके किनारे बसे हुए हैं. झारखंड में यह थोड़ी दूरी तय करती है और फिर पश्चिम बंगाल में पहुंचती है, जहां इसका एक भाग हुगली नदी के रूप में कोलकाता से होकर बहता है. 

गंगा नदी का महत्व केवल धार्मिक नहीं, बल्कि आर्थिक और पर्यावरणीय दृष्टि से भी बहुत बड़ा है. यह नदी लाखों किसानों को सिंचाई के लिए पानी प्रदान करती है, जिससे कृषि उत्पादन संभव हो पाता है. इसके अलावा, गंगा नदी बेसिन देश के सबसे उपजाऊ क्षेत्रों में से एक माना जाता है. गंगा में पाए जाने वाले बैक्टीरियोफेज नामक सूक्ष्म जीव इसकी आत्मशुद्धि क्षमता को बढ़ाते हैं, जिससे इसका पानी लंबे समय तक खराब नहीं होता. 

गंगा नदी जैव विविधता के लिए भी महत्वपूर्ण है. इसमें पाई जाने वाली गंगा डॉल्फिन एक दुर्लभ और संरक्षित प्रजाति है, जिसे भारत का राष्ट्रीय जलीय जीव घोषित किया गया है. इसके अलावा, गंगा और ब्रह्मपुत्र नदियों के संगम से बना सुंदरबन डेल्टा दुनिया का सबसे बड़ा नदी डेल्टा है, जो पर्यावरण और वन्यजीवों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है. 

इस तरह गंगा नदी केवल पांच राज्यों से गुजरने वाली नदी नहीं, बल्कि भारत की सांस्कृतिक पहचान, आर्थिक मजबूती और प्राकृतिक संतुलन की आधारशिला है. सदियों से यह नदी भारत की सभ्यता को पोषित करती आ रही है और आज भी करोड़ों लोगों के जीवन का अभिन्न हिस्सा बनी हुई है. 

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