Last Updated Oct - 14 - 2025, 05:35 PM | Source : Fela News
हरियाणा के विवादित IPS पूरन कुमार केस में चिराग पासवान ने पीड़ित एएसआई के परिवार से मुलाकात की। उन्होंने भरोसा दिलाया कि न्याय दिलाने तक वह परिवार के साथ खड़े र
हरियाणा में आईपीएस पूरन कुमार से जुड़े विवाद ने अब सियासी रंग पकड़ लिया है। लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के प्रमुख चिराग पासवान खुद पीड़ित एएसआई के परिवार से मिलने पहुंचे। यह वही मामला है जिसमें रोहतक के एएसआई ने आत्महत्या कर अपने सुसाइड नोट में आईपीएस पूरन कुमार पर उत्पीड़न का आरोप लगाया था।
परिवार से मुलाकात के बाद चिराग पासवान ने मीडिया से कहा, “मैं परिवार को भरोसा दिलाने आया हूं कि न्याय के लिए यह लड़ाई हम मिलकर लड़ेंगे। किसी भी दोषी को छोड़ा नहीं जाएगा, चाहे वह कितना भी बड़ा अफसर क्यों न हो।” उनके इस बयान ने न सिर्फ राज्य सरकार पर दबाव बढ़ा दिया है, बल्कि पूरे पुलिस तंत्र की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।
चिराग ने कहा कि यह सिर्फ एक अफसर की गलती का मामला नहीं, बल्कि सिस्टम में फैले डर और भ्रष्टाचार की निशानी है। उन्होंने मांग की कि मामले की निष्पक्ष जांच हो और दोषी पाए जाने पर सख्त कार्रवाई की जाए। इधर, हरियाणा पुलिस विभाग ने भी जांच तेज करने की बात कही है, लेकिन आईपीएस पूरन कुमार ने अब तक सभी आरोपों को गलत बताया है।
इस घटना के बाद से राज्य में राजनीतिक हलचल बढ़ गई है। विपक्षी दल इस केस को “सिस्टम में व्याप्त दबाव की सच्चाई” बता रहे हैं, जबकि सरकार का कहना है कि जांच निष्पक्ष रूप से आगे बढ़ रही है।
चिराग पासवान का इस केस में हस्तक्षेप यह दिखाता है कि मामला अब सिर्फ एक अधिकारी की आत्महत्या तक सीमित नहीं रहा, बल्कि यह पुलिस प्रशासन की पारदर्शिता और राजनीतिक जवाबदेही का बड़ा मुद्दा बन चुका है।