Last Updated Oct - 09 - 2025, 04:47 PM | Source : Fela News
बसपा प्रमुख मायावती ने लखनऊ रैली में धार्मिक राजनीति पर कड़ा प्रहार किया। उन्होंने कहा कि कुछ स्वार्थी लोग ‘I Love’ जैसी भावनात्मक बातों के सहारे समाज में हिंसा
लखनऊ में आयोजित एक बड़ी रैली के दौरान बसपा सुप्रीमो मायावती ने मौजूदा सियासी माहौल पर तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि देश में आजकल ‘I Love’ की राजनीति के नाम पर नफरत और हिंसा को बढ़ावा दिया जा रहा है। मायावती का इशारा उन नेताओं की तरफ था जो धार्मिक भावनाओं का इस्तेमाल जनता को बांटने के लिए कर रहे हैं।
मायावती ने कहा कि कुछ स्वार्थी तत्व सत्ता पाने के लिए धर्म और भावनाओं का सहारा ले रहे हैं, जिससे देश की एकता और शांति को खतरा पैदा हो रहा है। उन्होंने इसे देशहित के खिलाफ बताते हुए कहा कि असली मुद्दों , बेरोजगारी, महंगाई और गरीबों की परेशानियों से ध्यान भटकाने के लिए ऐसी राजनीति की जा रही है।
बसपा प्रमुख ने आगे कहा कि उनकी पार्टी हमेशा सामाजिक न्याय और समानता की राजनीति में विश्वास करती है। उन्होंने योगी सरकार और समाजवादी पार्टी पर भी अप्रत्यक्ष निशाना साधा, यह कहते हुए कि सत्ता के लिए दोनों ही पार्टियां जनता की भावनाओं से खेल रही हैं।
इस दौरान मायावती ने जम्मू-कश्मीर के पहलगाम हमले का भी जिक्र किया और कहा कि जब देश को आतंकवाद जैसी बड़ी चुनौतियों से निपटना है, तब धर्म और नफरत की राजनीति करना बेहद गैरजिम्मेदाराना है। उन्होंने जनता से अपील की कि वे ऐसे लोगों से सावधान रहें जो देश को तोड़ने की कोशिश कर रहे हैं।
मायावती की यह टिप्पणी उस वक्त आई है जब कई राज्यों में धार्मिक नारों और प्रतीकों को लेकर सियासत गर्म है। उनके बयान ने इस बहस को एक नया मोड़ दे दिया है कि क्या भारत की राजनीति अब भावनाओं के सहारे चल रही है या मुद्दों के आधार पर।