Last Updated Sep - 26 - 2025, 02:14 PM | Source : Fela News
कर्नाटक हाईकोर्ट ने राज्य में जातिगत सर्वेक्षण पर आपत्ति जताई है और सरकारी रिपोर्ट को गोपनीय रखने का निर्देश दिया है, ताकि संवेदनशील जाति-जनगणना डेटा सार्वजनिक
कर्नाटक में जातिगत सर्वेक्षण को लेकर हाईकोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाया है। कोर्ट ने केंद्र की दलीलों के बावजूद कहा कि उन्हें यह सही नहीं लगता कि सर्वेक्षण पूरी तरह पारदर्शी तरीके से किया गया है।
कोर्ट ने निर्देश दिया है कि सर्वेक्षण की रिपोर्ट को फिलहाल गोपनीय रखा जाए और इसे सार्वजनिक न किया जाए। इससे पहले केंद्र और राज्य सरकार ने रिपोर्ट जारी करने के पक्ष में दलीलें पेश की थीं, लेकिन न्यायालय ने कहा कि यह मामला संवेदनशील है और जल्दबाजी में रिपोर्ट प्रकाशित करना उचित नहीं होगा।
विशेषज्ञ मान रहे हैं कि जातिगत आंकड़ों को सार्वजनिक करने से सामाजिक और राजनीतिक विवाद बढ़ सकते हैं। हाईकोर्ट ने इस दिशा में आगे के कदमों को सावधानीपूर्वक लेने की बात कही है।
इस फैसले के बाद कर्नाटक में जातिगत सर्वेक्षण के परिणाम और उसकी नीति को लेकर राजनीतिक और सामाजिक हलचल बढ़ गई है। जनता और विशेषज्ञ अब कोर्ट के अगले आदेश का इंतजार कर रहे हैं।