Last Updated Apr - 20 - 2026, 01:22 PM | Source : Fela News
दिल्ली हाईकोर्ट आज आबकारी नीति मामले में अरविंद केजरीवाल की याचिका पर फैसला सुनाएगा, जिसमें जस्टिस स्वर्णकांता शर्मा को सुनवाई से हटाने की मांग की गई है; निर्णय दोपहर 2:30 बजे आएगा
आबकारी नीति मामले में न्यायाधीश बदलने की मांग को लेकर दाखिल याचिका पर आज बड़ा और अहम फैसला आने वाला है। Delhi High Court (दिल्ली उच्च न्यायालय) इस हाई-प्रोफाइल मामले में दोपहर बाद अपना आदेश सुनाएगा, जिस पर सियासी गलियारों से लेकर कानूनी विशेषज्ञों तक सभी की नजरें टिकी हुई हैं।
Arvind Kejriwal (अरविंद केजरीवाल) सोमवार को चौथी बार अदालत में पेश हुए और वीडियो माध्यम से अपनी दलीलें रखीं। उन्होंने अदालत से अनुरोध किया कि उनके द्वारा दाखिल ‘प्रत्युत्तर’ को अभिलेख में लिया जाए। इस पर सॉलिसिटर जनरल Tushar Mehta (तुषार मेहता) ने कड़ा विरोध जताते हुए कहा कि जब कोई मामला फैसला सुरक्षित होने के बाद होता है, तो नई दलीलों को अभिलेख में शामिल नहीं किया जाता—यह पूरे देश में अपनाया जाने वाला स्थापित नियम है।
इस दौरान न्यायमूर्ति स्वर्णकांता शर्मा ने भी स्पष्ट किया कि अदालत की प्रक्रिया सभी के लिए समान होती है और किसी एक व्यक्ति के लिए नियमों में बदलाव नहीं किया जा सकता। हालांकि, उन्होंने विशेष परिस्थिति को देखते हुए केजरीवाल के जवाब को लिखित बयान के रूप में अभिलेख पर लेने की अनुमति दे दी, जिसे एक तरह की सीमित राहत माना जा रहा है।
पहले अदालत ने दोपहर 2:30 बजे फैसला सुनाने की बात कही थी, लेकिन अब स्पष्ट किया गया है कि आदेश शाम 4:30 बजे सुनाया जाएगा। ऐसे में इस मामले का फैसला न सिर्फ कानूनी बल्कि राजनीतिक रूप से भी बड़ा असर डाल सकता है और आगे की दिशा तय करेगा।
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