Last Updated Jan - 08 - 2026, 05:51 PM | Source : Fela News
AI राउंडटेबल में पीएम मोदी ने भारतीय स्टार्टअप्स को नैतिक, निष्पक्ष और पारदर्शी AI मॉडल अपनाने का मंत्र दिया, कहा- भारत बनेगा ग्लोबल AI लीडर |
भारत में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के भविष्य को लेकर गुरुवार को एक अहम पहल देखने को मिली। Narendra Modi ने अपने आधिकारिक आवास 7, लोक कल्याण मार्ग पर भारतीय Al स्टार्टअप्स के साथ एक महत्वपूर्ण राउंडटेबल बैठक की अध्यक्षता की। इस बैठक का उद्देश्य देश में AI इनोवेशन को नई दिशा देना और भारत को वैश्विक AI हब के रूप में स्थापित करने की रणनीति पर चर्चा करना था।
इस राउंडटेबल मीटिंग में उन 12 भारतीय Al स्टार्टअप्स ने हिस्सा लिया, जिन्होंने आगामी India Al Impact Summit 2026 के लिए क्वालीफाई किया है। प्रधानमंत्री ने इन स्टार्टअप्स को भारत के भविष्य का "सह-निर्माता" बताते हुए कहा कि देश के पास न सिर्फ इनोवेशन की ताकत है, बल्कि टेक्नोलॉजी को बड़े पैमाने पर लागू करने की भी अपार क्षमता है।
पीएम मोदी ने बैठक के दौरान AI विकास के लिए एक तीन सूत्री मॉडल पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि भारत को ऐसा AI मॉडल तैयार करना चाहिए जो नैतिक (Ethical) हो, निष्पक्ष (Unbiased) हो और पूरी तरह पारदर्शी (Transparent) हो। प्रधानमंत्री ने स्पष्ट किया कि तकनीक का विकास तभी सार्थक है, जब वह समाज के हर वर्ग के लिए भरोसेमंद और उपयोगी हो ।
प्रधानमंत्री ने स्टार्टअप्स से कहा कि "मेड इन इंडिया" AI समाधान सिर्फ देश की जरूरतों तक सीमित नहीं रहने चाहिए, बल्कि उन्हें "मेड फॉर वर्ल्ड" के दृष्टिकोण के साथ विकसित किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि भारत का विविध सामाजिक और भाषाई ढांचा AI के लिए एक अनोखा टेस्टिंग ग्राउंड है, जिससे वैश्विक स्तर पर बेहतर और जिम्मेदार AI मॉडल तैयार किए जा सकते हैं।
बैठक में शामिल स्टार्टअप्स ने पीएम मोदी के सामने हेल्थकेयर, एजुकेशन, एग्रीटेक, गवर्नेस और इंडस्ट्री ऑटोमेशन से जुड़े अपने AI सॉल्यूशंस प्रस्तुत किए। प्रधानमंत्री ने इन नवाचारों की सराहना करते हुए कहा कि AI के जरिए भारत सामाजिक चुनौतियों का समाधान और आर्थिक विकास - दोनों को एक साथ आगे बढ़ा सकता है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह राउंडटेबल बैठक भारत की AI नीति और स्टार्टअप इकोसिस्टम के लिए एक अहम संकेत है। सरकार का फोकस अब सिर्फ टेक्नोलॉजी अपनाने पर नहीं, बल्कि जिम्मेदार और मानव-केंद्रित AI विकसित करने पर भी है।
पीएम मोदी का यह संदेश साफ है—भारत सिर्फ AI का उपभोक्ता नहीं, बल्कि वैश्विक AI दिशा तय करने वाला देश बनना चाहता है। नैतिकता, पारदर्शिता और निष्पक्षता के साथ विकसित भारतीय AI मॉडल आने वाले वर्षों में दुनिया के लिए एक उदाहरण बन सकता है।