Last Updated Apr - 02 - 2025, 01:28 PM | Source : Fela News
मोहाली की कोर्ट ने रेप केस में पादरी बजिंदर सिंह को उम्रकैद की सजा सुनाई। अदालत ने आरोपों को गंभीर मानते हुए यह फैसला दिया, जिससे मामला सुर्खियों में आ गया।
मोहाली की एक अदालत ने स्वयंभू ईसाई पादरी बजिंदर सिंह को 2018 के रेप केस में दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। पिछले हफ्ते उन्हें भारतीय दंड संहिता की धारा 376 (बलात्कार), 323 (चोट पहुंचाना) और 506 (आपराधिक धमकी) के तहत दोषी ठहराया गया था।
पीड़िता ने 2018 में दर्ज कराई थी शिकायत
इस केस की शुरुआत 2018 में ज़ीरकपुर पुलिस स्टेशन में दर्ज शिकायत से हुई थी। पीड़िता ने आरोप लगाया था कि बजिंदर सिंह ने विदेश यात्रा में मदद करने के नाम पर उसे अपने मोहाली स्थित घर (सेक्टर 63) बुलाया और वहां उसका यौन शोषण किया। पीड़िता का यह भी आरोप था कि सिंह ने इस घटना का वीडियो रिकॉर्ड किया और उसे सोशल मीडिया पर वायरल करने की धमकी देकर अपनी बात मनवाने की कोशिश की।
पांच अन्य आरोपियों को अदालत ने किया बरी
हालांकि, अदालत ने बजिंदर सिंह को दोषी करार दिया, लेकिन इस केस से जुड़े पांच अन्य आरोपियों – अख़बर भट्टी, राजेश चौधरी, जतिंदर कुमार, सितार अली और संदीप पहलवान – को बरी कर दिया।
अन्य मामलों में भी घिर चुके हैं पादरी बजिंदर सिंह
यह पहला मामला नहीं है जब बजिंदर सिंह विवादों में आए हैं। कपूरथला पुलिस ने हाल ही में उनके खिलाफ एक 22 वर्षीय महिला द्वारा लगाए गए उत्पीड़न के आरोपों की जांच के लिए तीन सदस्यीय विशेष टीम गठित की है। इसके अलावा, उनकी सजा से कुछ दिन पहले मोहाली पुलिस ने उन पर मारपीट और अन्य आरोपों में मामला दर्ज किया था।
चर्च और सोशल मीडिया पर है बड़ी फॉलोइंग
बजिंदर सिंह ने 2012 में प्रचारक के रूप में अपनी यात्रा शुरू की थी। वे 'द चर्च ऑफ ग्लोरी एंड विजडम' के प्रमुख हैं, जिसके ताजपुर (जालंधर) और माजरी (मोहाली) में सेंटर हैं। उनके चर्च की सभाओं को बड़े पैमाने पर लाइव-स्ट्रीम किया जाता है और वे बीमारियों के इलाज के दावे भी करते हैं। सिंह की सोशल मीडिया पर भी बड़ी फॉलोइंग है। उनके यूट्यूब चैनल 'Prophet Bajinder Singh' पर 3.74 मिलियन से अधिक सब्सक्राइबर हैं।
सजा के बाद चर्च के भविष्य पर सवाल
बजिंदर सिंह के आजीवन कारावास की सजा के बाद अब सवाल उठ रहे हैं कि क्या उनका चर्च इसी तरह चलता रहेगा या इसमें कोई बदलाव होगा। उनके अनुयायियों के बीच भी इस फैसले को लेकर मिश्रित प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। हालांकि, कानून के मुताबिक अब उन्हें लंबे समय तक कारागार में रहना होगा।