Last Updated Oct - 08 - 2025, 05:09 PM | Source : Fela News
हिमाचल प्रदेश के बिलासपुर जिले में रविवार देर रात एक बड़ा हादसा हुआ, जब चलते बस पर पहाड़ से मलबा गिर पड़ा। इस हादसे में अब तक 18 लोगों की मौत हो चुकी है और कई घ
हिमाचल प्रदेश एक बार फिर प्राकृतिक आपदा की चपेट में आ गया है। बिलासपुर जिले के नैनादेवी के पास देर रात हुए भूस्खलन ने भयावह रूप ले लिया। अचानक पहाड़ का एक बड़ा हिस्सा टूटकर नीचे आया और वहां से गुजर रही एक बस पर जा गिरा। तेज धमाके की आवाज सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे, लेकिन नज़ारा बेहद डरावना था। बस पूरी तरह मलबे में दब चुकी थी।
स्थानीय प्रशासन और NDRF की टीमें तुरंत राहत-बचाव कार्य में जुट गईं। कई घंटों की मशक्कत के बाद मलबे से 18 शव निकाले जा चुके हैं, जबकि कई लोगों को गंभीर हालत में अस्पताल पहुंचाया गया है। अधिकारियों का कहना है कि बस में लगभग 30 से ज्यादा यात्री सवार थे और कुछ लोग अब भी लापता हैं।
हादसे के वक्त मौसम खराब था और पहाड़ी इलाकों में लगातार बारिश हो रही थी। इससे रेस्क्यू ऑपरेशन को भी मुश्किलें आ रही हैं। मलबा हटाने के लिए भारी मशीनें लगाई गई हैं और आसपास के इलाकों में ट्रैफिक को रोक दिया गया है। पुलिस ने बताया कि बस चंडीगढ़ से मनाली की ओर जा रही थी।
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने घटना पर गहरा दुख जताया है और मृतकों के परिजनों को मुआवजा देने की घोषणा की है। उन्होंने कहा कि प्रशासन पूरी तत्परता से राहत कार्य कर रहा है और घायलों के इलाज की व्यवस्था की जा रही है।
लोगों के लिए यह हादसा किसी भयावह सपने से कम नहीं है। जिन यात्रियों ने इस बस से सफर करने की योजना बनाई थी, उन्होंने शायद सोचा भी नहीं होगा कि कुछ ही मिनटों में सब खत्म हो जाएगा। पहाड़ों पर लगातार बारिश के चलते भूस्खलन की घटनाएं बढ़ रही हैं और यह हादसा उसी का ताजा उदाहरण बन गया है।
बिलासपुर की इस दर्दनाक घटना ने एक बार फिर सवाल खड़ा किया है —क्या हिमाचल के पहाड़ अब पहले जैसे सुरक्षित नहीं रहे?