Last Updated Nov - 13 - 2025, 05:32 PM | Source : Fela News
डॉक्टर शाहीन की रहस्यमयी यात्रा ने सबको हैरान कर दिया। कानपुर से दुबई तक के सफर में कई अनजाने रहस्य छिपे हैं, जिनकी अब जांच शुरू हो चुकी है।
दिल्ली धमाके की साजिश में गिरफ्तार डॉक्टर शाहीन को लेकर अब एक और बड़ा खुलासा हुआ है। जांच में सामने आया है कि वह कानपुर में रहते हुए कट्टरपंथी तत्वों के संपर्क में आई थी। कुछ समय बाद उसने अचानक अपनी नौकरी छोड़ दी और सीधे यूएई चली गई, जहां से उसकी गतिविधियां और भी संदिग्ध हो गईं।
सूत्रों के मुताबिक, शाहीन पहले कानपुर के एक प्रतिष्ठित अस्पताल में काम कर रही थी। वहां उसका व्यवहार सामान्य था, लेकिन धीरे-धीरे उसके संपर्क कुछ बाहरी लोगों से बढ़ने लगे। बताया जा रहा है कि यही वह दौर था जब उसने सोशल मीडिया के ज़रिए कट्टरपंथी विचारधारा वाले लोगों से संपर्क साधा। इसी के बाद उसकी सोच और दिनचर्या दोनों में बदलाव देखा गया।
अचानक एक दिन उसने बिना किसी को बताए अपनी नौकरी छोड़ दी और दुबई के लिए रवाना हो गई। जांच एजेंसियों का कहना है कि यूएई पहुंचने के बाद शाहीन ने डॉक्टर के पेशे के बहाने वहां कुछ ऐसे लोगों से मुलाकात की, जो भारत-विरोधी गतिविधियों में शामिल थे। वहीं से उसने अपने नेटवर्क को फिर से सक्रिय करना शुरू किया।
एनआईए की शुरुआती जांच में यह भी पता चला है कि दुबई में शाहीन का संपर्क डॉक्टर उमर और उमर नबी से हुआ था। ये दोनों ही दिल्ली धमाके की साजिश से जुड़े नाम हैं। एजेंसियों का शक है कि शाहीन ने वहीं से फंडिंग और तकनीकी मदद जुटाने में भूमिका निभाई।
वह जब भारत लौटी तो उसके पास कई बार विदेश यात्रा के रिकॉर्ड मिले, जिनमें से कुछ की जानकारी उसने कभी साझा नहीं की थी। अब जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि यूएई में शाहीन ने किन-किन लोगों से मुलाकात की और क्या उसने वहां किसी संगठन के लिए काम किया।
फिलहाल शाहीन से लगातार पूछताछ की जा रही है। एनआईए का कहना है कि उसकी गतिविधियां एक सुनियोजित आतंकी नेटवर्क से जुड़ी हो सकती हैं। कानपुर से लेकर दुबई तक फैला यह रहस्यमयी सफर अब जांच का सबसे अहम हिस्सा बन गया है।