Last Updated Jan - 06 - 2026, 03:22 PM | Source : Fela News
नाम घसीटे जाने से नाराज़ BJP नेता ने अदालत का दरवाजा खटखटाया और कई लोगों को आरोपी बनाया
अंकिता भंडारी हत्याकांड में एक बार फिर नया विवाद सामने आया है। इस मामले में अपना नाम उछाले जाने से नाराज़ BJP नेता दुष्यंत गौतम ने दिल्ली हाईकोर्ट में मानहानि का केस दर्ज कराया है। दुष्यंत गौतम का कहना है कि कुछ लोगों ने बिना किसी सबूत के उन्हें इस सनसनीखेज हत्याकांड से जोड़ने की कोशिश की, जिससे उनकी छवि को गंभीर नुकसान पहुंचा है।
दायर याचिका में दुष्यंत गौतम ने आरोप लगाया है कि सोशल मीडिया और सार्वजनिक मंचों पर जानबूझकर उनके खिलाफ भ्रामक और झूठे आरोप फैलाए गए। उनका कहना है कि अंकिता भंडारी मामले से उनका कोई भी प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष संबंध नहीं है, इसके बावजूद उनका नाम उछालकर राजनीतिक और व्यक्तिगत नुकसान पहुंचाने की कोशिश की गई।
मानहानि केस में दुष्यंत गौतम ने कुछ सोशल मीडिया अकाउंट्स, यूट्यूब चैनलों और व्यक्तियों को आरोपी बनाया है। आरोप है कि इन लोगों ने बिना तथ्यों की जांच किए ऐसे वीडियो और पोस्ट शेयर किए, जिनमें उन्हें हत्याकांड से जोड़कर दिखाया गया। याचिका में यह भी कहा गया है कि इस तरह की सामग्री से जनता के बीच गलत संदेश गया और उनकी सामाजिक व राजनीतिक साख प्रभावित हुई।
दिल्ली हाईकोर्ट में दायर याचिका में दुष्यंत गौतम ने मांग की है कि विवादित कंटेंट को तुरंत हटाया जाए और भविष्य में इस तरह के आरोपों पर रोक लगाई जाए। इसके साथ ही उन्होंने मुआवजे की भी मांग की है, ताकि यह साफ संदेश जाए कि बिना सबूत किसी का नाम घसीटना कानूनन गलत है।
अंकिता भंडारी हत्याकांड पहले ही उत्तराखंड से लेकर देशभर में संवेदनशील मुद्दा बना हुआ है। ऐसे में इस केस से जुड़े किसी भी नए दावे या आरोप पर राजनीतिक माहौल और ज्यादा गर्म हो जाता है। दुष्यंत गौतम की इस कानूनी कार्रवाई के बाद अब मामला सिर्फ हत्या की जांच तक सीमित नहीं रहा, बल्कि गलत सूचना और जिम्मेदारी के सवाल पर भी आ गया है।
कुल मिलाकर, यह कदम दिखाता है कि अंकिता भंडारी केस में बेबुनियाद आरोप लगाने वालों के खिलाफ अब कानूनी जवाबी कार्रवाई भी शुरू हो चुकी है, और आने वाले समय में इस पर अदालत की सख्त नजर बनी रह सकती है।