Last Updated Feb - 05 - 2026, 12:42 PM | Source : Fela News
एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने हालिया बयान में केंद्र सरकार की विदेश नीति पर सवाल उठाए। ट्रंप का उल्लेख करते हुए उन्होंने निर्णय प्रक्रिया की स्वतंत्रता को
एआईएमआईएम प्रमुख और हैदराबाद सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने केंद्र सरकार की विदेश नीति को लेकर तीखी टिप्पणी की है। एक सार्वजनिक कार्यक्रम में बोलते हुए ओवैसी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर परोक्ष निशाना साधते हुए कहा कि भारत को अपनी कूटनीतिक नीतियां स्वतंत्र रूप से तय करनी चाहिए। उनके बयान में पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का उल्लेख भी आया, जिसे लेकर राजनीतिक प्रतिक्रिया तेज हो गई है।
सूत्रों के अनुसार ओवैसी ने कहा कि किसी भी वैश्विक शक्ति के दबाव या कथित प्रभाव में निर्णय लेना देशहित में उचित नहीं माना जा सकता। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि मौजूदा सरकार अंतरराष्ट्रीय मंचों पर संतुलित और स्वायत्त रुख बनाए रखने में असफल रही है। हालांकि उनके आरोपों पर केंद्र सरकार की ओर से तत्काल आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
वहीं दूसरी ओर असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने ओवैसी के बयान की आलोचना की। उन्होंने कहा कि भारत की विदेश नीति राष्ट्रीय हितों को ध्यान में रखकर तय होती है और सरकार किसी बाहरी दबाव में काम नहीं करती। प्रशासन का कहना है कि भारत वैश्विक मंचों पर रणनीतिक स्वायत्तता की नीति का पालन करता है और बहुपक्षीय संबंधों को संतुलित ढंग से आगे बढ़ाता है।
बताया जा रहा है कि ओवैसी का यह बयान हालिया अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रम और भारत-अमेरिका संबंधों पर चल रही राजनीतिक बहस के संदर्भ में आया है। इस बीच सवाल उठाए जा रहे हैं कि क्या विदेश नीति जैसे संवेदनशील विषयों पर घरेलू राजनीतिक बयानबाजी कूटनीतिक संदेशों को प्रभावित कर सकती है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि भारत की विदेश नीति पर विपक्ष और सत्तापक्ष के बीच मतभेद पहले भी सामने आते रहे हैं। हालांकि आधिकारिक स्तर पर सरकार लगातार यह कहती रही है कि वैश्विक साझेदारियों में राष्ट्रीय हित सर्वोपरि रहता है। फिलहाल ओवैसी के बयान ने विदेश नीति को लेकर राजनीतिक विमर्श को एक बार फिर केंद्र में ला दिया है।
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