Last Updated Apr - 01 - 2025, 11:53 AM | Source : Fela News
प्रधानमंत्री मोदी की नागपुर यात्रा में संघ मुख्यालय का दौरा चर्चा का विषय बना। इस यात्रा से जुड़ी राजनीतिक हलचल ने कई सवाल खड़े किए और राजनैतिक वातावरण को गर्म
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 30 मार्च को नागपुर स्थित राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के मुख्यालय का दौरा किया, जो उनके प्रधानमंत्री बनने के बाद पहली बार हुआ। यह दौरा आरएसएस के शताब्दी वर्ष के अवसर पर हुआ, जिसमें उन्होंने संघ प्रमुख मोहन भागवत से मुलाकात की और माधव नेत्रालय प्रीमियम सेंटर की आधारशिला रखी।
संघ मुख्यालय की ऐतिहासिक यात्रा
प्रधानमंत्री मोदी का यह दौरा इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि यह पहली बार था जब किसी प्रधानमंत्री ने आरएसएस मुख्यालय का दौरा किया। इससे पहले, अटल बिहारी वाजपेयी ने 2000 में संघ मुख्यालय का दौरा किया था। इस यात्रा के दौरान, मोदी ने संघ के संस्थापक डॉ. केशव बलिराम हेडगेवार को श्रद्धांजलि अर्पित की और संघ प्रमुख मोहन भागवत से मुलाकात की।
माधव नेत्रालय प्रीमियम सेंटर की आधारशिला
प्रधानमंत्री मोदी ने नागपुर में माधव नेत्रालय आई इंस्टीट्यूट एंड रिसर्च सेंटर के नए प्रीमियम सेंटर की आधारशिला रखी, जो संघ के दूसरे सरसंघचालक माधव सदाशिव गोलवलकर के नाम पर स्थापित किया जाएगा। यह केंद्र नेत्र चिकित्सा और अनुसंधान के क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान देगा।
राजनीतिक प्रतिक्रियाएं और संजय राउत का बयान
शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) के नेता संजय राउत ने प्रधानमंत्री मोदी की इस यात्रा पर टिप्पणी करते हुए कहा कि मोदी ने संघ मुख्यालय में अपनी सेवानिवृत्ति की घोषणा की है। उन्होंने दावा किया कि आरएसएस नेतृत्व में बदलाव की तैयारी कर रहा है और मोदी के उत्तराधिकारी की नियुक्ति पर चर्चा के लिए यह बैठक आयोजित की गई थी। राउत ने यह भी कहा कि नया नेता महाराष्ट्र से हो सकता है।
प्रधानमंत्री मोदी की नागपुर यात्रा और संघ मुख्यालय का दौरा विभिन्न राजनीतिक और सामाजिक हलकों में चर्चाओं का विषय बना हुआ है। जहां एक ओर यह दौरा संघ और सरकार के बीच संबंधों को मजबूत करने की दिशा में देखा जा रहा है, वहीं दूसरी ओर राजनीतिक विरोधियों द्वारा इसे विभिन्न दृष्टिकोणों से आंका जा रहा है। आने वाले समय में इस दौरे के प्रभाव स्पष्ट होंगे।